Loose Top

पंजाब में आप जीती तो आतंक लौटेगा- केपीएस गिल

90 के दशक में पंजाब में आतंकवाद का सफाया करने वाले पूर्व डीजीपी केपीएस गिल ने कहा है कि आम आदमी पार्टी की जीत से एक बार फिर आतंकवाद की वापसी हो सकती है। प्रचार के दौरान बठिंडा के मोर मंडी में हुए धमाके को ‘बेहद गंभीर मामला’ बताते हुए गिल ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी जाने-अनजाने कट्टरपंथी सिखों को मंच दे रही है। पिछले कई साल से दबे-कुचले खालिस्तानी सोच वालों को आम आदमी पार्टी के बहाने अपनी गतिविधियां दोबारा शुरू करने का मौका मिल गया है। केपीएस गिल पूरे पंजाब में खालिस्तानी नेटवर्क को तोड़ने के लिए जाने-जाते हैं। आतंक के खात्मे के बाद जब-जब पंजाब में आतंकी खतरा मंडराया है केपीएस गिल समय रहते सचेत करते रहे हैं।

‘विदेशों में बसे खालिस्तानियों का रोल’

पंजाब में आतंकवाद के सफाये के बाद से सैकड़ों की तादाद में खालिस्तान समर्थक कट्टरपंथी कनाडा और यूरोप के देशों में जाकर बस गए हैं। ये लोग हमेशा सिखों के अलग देश खालिस्तान के लिए गतिविधियां चलाते रहते हैं। लेकिन अब तक इन्हें किसी भी राजनीतिक दल या पंजाब के आम लोगों का समर्थन नहीं मिला। केपीएस गिल की राय में “कट्टरपंथी सिख जो काम पहले नहीं कर पाई, वो करने का मौका उन्हें आम आदमी पार्टी ने दे दिया। खालिस्तानियों को आम आदमी पार्टी के बहाने एक राजनीतिक आधार मिल गया है, जिसमें रहकर वो पंजाब में फिर से अपना असर फैलाने की कोशिश करेंगे।” एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में गिल ने कहा कि सभी जानते हैं कि आम आदमी पार्टी में कौन-कौन से चेहरे हैं, जो खालिस्तान आंदोलन के लिए पहले भी काम करते रहे हैं। इनमें से कई ने शुरुआती दौर में केजरीवाल और भिंडरवाला की तस्वीरों के पोस्टर बैनर भी पंजाब के शहरों में चिपकाए थे।

आप जीती तो आतंकवाद फिर लौटेगा!

इंटरव्यू में गिल से पूछा गया कि क्या पंजाब में आतंकवाद की वापसी हो सकती है? तो इस पर गिल ने कहा कि “दूसरी कोई भी पार्टी सत्ता में रही तो आतंकवाद की वापसी बहुत मुश्किल होगी। लेकिन आम आदमी पार्टी के लिए ऐसा नहीं कहा जा सकता। शायद खुद पार्टी के नेताओं को इस बारे में ठीक से अंदाजा नहीं है। जो एनआरआई सिख उनको पैसा भेज रहे हैं वो कौन हैं। पार्टी ने जाने-अनजाने इन लोगों को एक प्लैटफॉर्म दे दिया है।” गिल ने कहा कि खालिस्तानी ताकतें कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी जैसी पार्टियों को बिल्कुल पसंद नहीं करते, क्योंकि इन दोनों के कार्यकाल में उन्हें कभी पनपने का मौका नहीं मिला। इन दोनों ही पार्टियों ने अपने कई बड़े नेताओं को आतंकवाद के दौर में गंवाया है। लेकिन पंजाब की राजनीति में तीसरी ताकत के तौर पर आई आम आदमी पार्टी के लिए यह बात नहीं कही जा सकती।

आम आदमी पार्टी और खालिस्तान के इस कनेक्शन पर पिछले दिनों में न्यूज़लूज़ ने कई रिपोर्ट्स की हैं। नीचे के लिंक पर क्लिक करके आप पढ़ सकते हैं कि कैसे विदेशों में खालिस्तानी आतंकवादियों के जरिए केजरीवाल ने पंजाब में चुनाव के लिए करोड़ों की रकम बटोरी थी। शक है कि नोटबंदी के बाद इसमें से एक बड़ा हिस्सा बर्बाद भी चला गया।

पढ़ें रिपोर्ट:

फिनलैंड में खालिस्तान समर्थकों से मिले मनीष सिसोदिया!

नोटबंदी के बाद अब खालिस्तानियों के भरोसे केजरीवाल!

पंजाब चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी को कौन दे रहा है पैसा?

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:
Donate with

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...

Popular This Week

Don`t copy text!