Loose Top

यूपी में कौन जीत रहा है? जानिए वोट का अंकगणित

मनोज कुमार मिश्रा

उत्तर प्रदेश चुनावों में सभी पार्टियां अपने-अपने वोट बैंक के आधार पर चुनावी अखाड़े में ताल ठोंक रही हैं। हालांकि कानून व्यवस्था, विकास, रोजगार, भ्रष्टाचार ये सभी मुद्दे तो हैं ही पर बाजी उसी के हाथ लगेगी जो सोशल इंजीनिरिंग का बेहतर प्रबंधन कर पायेगा। इस मामले में अखिलेश यादव देर से जागे और ऐन चुनाव के पहले 17 अतिपिछड़ी जातियों को विशेष आरक्षण का लॉलीपॉप थमा कर उनका हितैषी होने का दिखावा करने का असफल प्रयास किया। ऊपर से हाई कोर्ट ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। ऊपर से इस बार मायावती की बीएसपी की सोशल इंजीनिरिंग को बीजेपी हाइजैक करती दिख रही है।

सपा, बसपा का जातीय गणित

यूपी चुनाव में  अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी 9 प्रतिशत यादव वोट और 19 प्रतिशत मुस्लिम वोट यानी कुल 28 प्रतिशत वोटों पर दांव लगा रही है। क्योंकि गैर-यादव ओबीसी पर उनका प्रभाव नगण्य है। वहीं बीएसपी 13 प्रतिशत जाटव और 19 प्रतिशत मुस्लिमों अर्थात 32 प्रतिशत मतों पर ही ताल ठोंक रही है। क्योंकि गैर-यादव ओबीसी वोटों में ज्यादातर जैसे कुर्मी, कोयरी, राजभर, सैनी, कुम्हार, लोध उससे दूर छिटक गए हैं। यही नहीं गैर-जाटव दलित जैसे पासी, खटीक, बाल्मीकि भी बीएसपी के पाले से दूर हो चुके हैं। सवर्ण मत भी बीएसपी से इस बार दूरी बनाए हुए हैं। मायावती ने भी इस वर्ग का वोट हासिल करने के लिए इस बार अब तक कोई खास मेहनत नहीं की है। कांग्रेस के पास वोट बैंक के नाम पर ठन-ठन गोपाल ही है। समाजवादी पार्टी का वोट उसे ट्रांसफर होगा, ये बहुत मुश्किल है।

बीजेपी का जातीय समीकरण

बीजेपी के पक्ष में यूपी के 22 परसेंट सवर्ण मतदाता इस बार पूरी तरह लामबंद हैं। 31 प्रतिशत गैर यादव ओबीसी और कुछ प्रतिशत यादवों सहित 3 परसेंट जाट, गुर्जर और 7.1 परसेंट गैर-जाटव दलितों पर भाजपा का खास जोर है। इस बार इसी हिसाब से टिकट बंटवारे और संगठन में पदाधिकारियों को स्थान दिया गया है। कुल मिलाकर यूपी चुनाव में बीजेपी लगभग 64 प्रतिशत वोटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। लोकसभा में 43 परसेंट वोट उसे मिला भी था। जबकि विधानसभा चुनावों में 26-27% वोट पाने वाली पार्टी उत्तर प्रदेश में सरकार बनाती रही है। मतों का प्रतिशत जितना बढ़ेगा यूपी में बीजेपी के भारी बहुमत से सत्ता में आने की संभावनाएं उतनी ही प्रबल होंगी।

 

(यह लेख मनोज कुमार मिश्रा के फेसबुक पेज से साभार लिया गया है)

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:
Donate with

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...

Popular This Week

Don`t copy text!