देश में बिजली समस्या खत्म, एक राज्य को छोड़कर!

क्या आपको मालूम है कि देश पहली बार उस स्थिति में पहुंच गया है जब बिजली की कमी के चलते कटौती की जरूरत नहीं रही है। ज्यादातर राज्यों में अब लोड शेडिंग का समय बेहद मामूली हो चुका है। पिछले साल अगस्त से स्थिति में लगातार सुधार ही हो रहा है। देश पावर कट मुक्त हो रहा है, लेकिन एक राज्य है जहां के लोगों को अभी तक बत्ती गुल होने से राहत नहीं मिल सकी है। ये राज्य है उत्तर प्रदेश। देश के सभी राज्य अपने यहां बिजली की कमी के चलते कटौती के आंकड़े जारी करते हैं, लेकिन यूपी सरकार ने ऐसा नहीं किया है। ऐसा इसलिए क्योंकि यूपी के शहरों और गांवों में अब भी घंटों-घंटों कटौती हो रही है, जबकि सेंट्रल पूल में पर्याप्त पावर है और राज्य सरकारें इन्हें सरकारी दरों पर खरीदकर अपने यहां लोगों तक पहुंचा सकती हैं।

बिजली कटौती का वक्त कम हुआ

पिछले साल अगस्त में देशभर में पावर कट का औसत 13 घंटे का था। दिसंबर तक ये घटकर 6.4 घंटे रह गया। पावर सप्लाई के मामले में सबसे बेहतर प्रदर्शन राजस्थान का रहा है। जहां पिछले महीने यानी दिसंबर में औसतन हर दिन सिर्फ 37 मिनट के लिए बिजली कटी। इसके बाद गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश का नंबर आता है। उधर उत्तर प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियां बिजली कटौती के आंकड़े जारी नहीं कर रही हैं, ताकि वहां कटौती की स्थिति का सही अंदाजा न लग सके। दिसंबर के महीने में वाराणसी, लखनऊ, इलाहाबाद और कानपुर जैसे शहरों में भी औसतन हर रोज 2 से 4 घंटे के लिए पावर कट जारी रहा, जबकि इसकी कोई कमी नहीं थी।

बिजली सप्लाई के सवाल पर राजनीति

यूपी में सप्लाई की इस बुरी हालत के लिए राजनीति को जिम्मेदार माना जा रहा है। दरअसल राज्य सरकार ने प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर हो रही विद्युत चोरी पर लगाम लगाने में ढिलाई बरती। शायद इस डर से कि अगर चोरों को पकड़ा गया तो इससे चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी को नुकसान हो सकता है। बिजली चोरों से होने वाले घाटे को पाटने के लिए यूपी की पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को ज्यादा दर पर बिजली बेचनी पड़ती है। साथ ही साथ कटौती करके खरीद में होने वाले घाटे को रोकना पड़ता है। जाहिर है इस नीति का नुकसान उत्तर प्रदेश के आम लोगों को ही झेलना पड़ रहा है।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की वेबसाइट http://www.vidyutpravah.in/ पर जाकर आप खुद भी पावर सप्लाई और डिमांड के आंकड़ों को देख सकते हैं। इस वेबसाइट पर हर वक्त का लाइव अपडेट मौजूद रहता है। इसी वेबसाइट से आप जान सकते हैं कि किसी समय पर देश में कितनी सरप्लस बिजली है। जाहिर है अगर बिजली सरप्लस है तो कटौती नहीं होनी चाहिए। फिर भी उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों की सरकारें अपने लोगों को अंधेरे में रख रही हैं।
उत्तर प्रदेश के रवैये से नाराज केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने इस मसले पर ट्वीट भी किया है और लोगों को सच्चाई के बारे में बताया है।

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