हिंदू धर्म में जूतामार आंदोलन का समय आ चुका है!

देश के भ्रष्ट नेताओं ने जिस समर्पण के साथ महात्मा गांधी की खादी को कलंकित किया है, उसी निर्लज्ज और निःसंकोच समर्पण के साथ कुछ फर्जी बाबा हिंदू धर्म और इसकी पवित्र परंपराओं को कलंकित करने में जुटे हैं। ये फर्जी बाबा गेरुआ वस्त्र ही नहीं, बल्कि पूरे हिंदू धर्म को मैला करने की कोशिश कर रहे हैं। बहुरुपिया ठगनी राधे मां से लेकर चोरकट छिछोरे ओम बाबा, निर्मल बाबा और चैनलों पर प्रवचन का धंधा चमकाने वाले तमाम बाबाओं के लिए जूतामार आंदोलन चलाने का समय आ गया है। इन गिरहकटों को दौड़ा-दौड़ा कर जूतों से मरम्मत करने में कोई हर्ज नहीं है। मेरे ख्याल से ऐसा करने पर कोई पाप नहीं, बल्कि पुण्य ही मिलेगा। हो सकता है कि पहले आपने कोई पाप किए हों तो इन चोरकट बाबाओं की जूते से पिटाई करके आपके वो पाप कुछ धुल जाएं। हिंदू धर्म को फिलहाल इसी सर्जिकल स्ट्राइक की जरुरत है, नहीं तो स्वामी विवेकानन्द, रामकृष्ण परमहंस, महर्षि रमण जैसी पुण्यात्माओं का यह गौरवशाली धर्म हास्यास्पद बनकर रह जाएगा।

बाबा के नाम पर इन गेरुआधारी चोरों की जमात आखिर अचानक क्यों बढ़ती जा रही है? यह सवाल हर किसी के दिमाग में आता होगा कि आखिर क्या कारण है कि बीते 8-10 साल में ऐसे पाखंडियों का धंधा कुछ ज्यादा ही फलने-फूलने लगा है। धर्म के नाम पर ठगी करने वाले पहले भी थे, लेकिन जैसा अब है वैसा पहले कभी नहीं था। दरअसल इस सारे धंधे के पीछे न्यूज चैनलों का हाथ है। राधे मां हो या निर्मल बाबा या फिर स्वामी ओम नाम का नया-नवेला ठग, इन सभी को लोगों ने पहली बार टीवी चैनलों पर देखकर ही जाना। इनकी दुकानें यूं तो पहले से ही चल रही थीं, लेकिन टीवी पर आने के बाद इनके धंधों को चार चांद लग गए। ऐसे में हर हिंदू धर्मावलंबी अगर इन ठगों की सेवा जूतों से करना शुरू कर दे तो यह आज के दौर में अपने धर्म की सबसे बड़ी सेवा होगी।

(तरुण कुमार के फेसबुक पेज से साभार)

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