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मकर संक्रांति पर हिंदुओं को मूर्ख बनाएंगे शाहरुख!

फिल्म-रईस में एक मुस्लिम माफिया सरगना को महिमामंडित करने वाले शाहरुख खान अब हिंदुओं का गुस्सा कम करने के लिए नया नाटक करेंगे। शाहरुख खान ने ऐलान किया है कि वो मकर संक्रांति के त्यौहार को सेलिब्रेट करेंगे और उस दिन पतंगबाजी करेंगे। लगता है शाहरुख ने ये आइडिया आमिर खान से चुराया है। पीके में हिंदू देवी-देवताओं का मज़ाक उड़ाने के बाद आमिर खान ने अपना चोला बदल लिया था। दंगल के प्रमोशन में वो बाकायदा तिलक और मराठी पगड़ी पहने नजर आ रहे थे।

हिंदुओं को मारने वाले गुंडे पर बनाई फिल्म

शाहरुख की अगली फिल्म- रईस गुजरात के कुख्यात गुंडे अब्दुल लतीफ की जिंदगी पर बताई जाती है। अब्दुल लतीफ गुजरात में भाड़े पर दंगे करवाने का काम करता था और उसके टारगेट पर खास तौर पर हिंदू कारोबारी हुआ करते थे। 90 के दशक में गुजरात में उसका आतंक हुआ करता था। बाद में बीजेपी की सरकार आने के बाद लतीफ को एक एनकाउंटर में मारा गया था। शाहरुख खान ने अपनी फिल्म में लतीफ को रॉबिन हुड की तरह दिखाया है। सवाल उठ रहा है कि एक ऐसे गुंडे जिसने हिंदुओं पर अत्याचार किए और मुसलमानों का मसीहा बना रहा, उसे इस तरह से क्यों महिमामंडित किया जा रहा है।

संबंधित रिपोर्ट: रईस के पीछे ये है शाहरुख खान का खेल

मकर संक्रांति के नाम पर फिल्म पब्लिसिटी

रईस फिल्म की पब्लिसिटी के लिए शाहरुख ने खुद को हिंदू त्यौहार बनाने वाले के तौर पर दिखाने का फैसला किया है। इसके लिए मुंबई में उनके बंगले मन्नत पर जोरशोर से तैयारियां चल रही हैं। यह पहली बार होगा कि जब शाहरुख के बंगले में मकर संक्रांति मनाया जाएगा। आम तौर पर ईद और दूसरे मुस्लिम त्यौहारों पर ही उनके घर में चहल-पहल देखी जाती है। शाहरुख की पत्नी हिंदू हैं, इसके बावजूद उनके घर में कभी मकर संक्रांति नहीं मनाई गई।

आमिर खान भी कर चुके हैं यही तमाशा

इससे पहले आमिर खान भी यही तमाशा कर चुके हैं। फिल्म पीके में हिंदू धर्म और पंरपराओं का अपमान करने के बाद आमिर ने दंगल के प्रमोशन के लिए हर वो नाटक किया जिससे हिंदुओं को लगे कि वो सुधर गए हैं। फिल्म के लिए वो मराठा लुक में माथे पर तिलक लगाए भी नजर आए। लेकिन जो सुधर जाए वो आमिर खान कहां। आमिर ने दंगल फिल्म में भी अपना एजेंडा जारी रखा। एक पहलवान की जिंदगी पर बनी होने के बावजूद आमिर खान ने फिल्म में कहीं पर भी हनुमान की एक तस्वीर भी नहीं दिखने दी। ऊपर से एक नकली मुस्लिम कैरेक्टर घुसाकर मांसाहार और सेकुलरिज्म का तड़का लगाने की कोशिश की। पीके के बाद दंगल में भी आमिर खान अपनी जिहादी सोच जाहिर करने से बाज नहीं आए।
संबंधित रिपोर्ट: दंगल में आमिर खान के जिहादी एजेंडे के 5 सबूत

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