राशन ही नहीं, बहुत कुछ बेचते हैं बीएसएफ अफसर!

जवान तेज बहादुर यादव का ये आरोप बिल्कुल सही है कि बीएसएफ के अफसर जवानों का खाना बाहर बेच देते हैं। देश भर में अलग-अलग इलाकों में बने बीएसएफ कैंपों के आसपास यह बात हर किसी को पता है। यहां तक कि कश्मीर और राजस्थान में पाकिस्तान से लगी सीमा के इलाकों में बीएसएफ का ही राशन दुकानों पर बिकता है। यह बात भी ओपन सीक्रेट है कि बीएसएफ के अफसर ये राशन और जवानों के इस्तेमाल के कई दूसरे सामान आधी कीमत पर बेचते हैं। इनमें पेट्रोल, डीजल, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान भी शामिल हैं। सामान बिकने से जो कमाई होती है वो बड़े अफसरों तक भी जाती है, यही कारण है कि बीएसएफ के तमाम बड़े अधिकारी जवान तेज बहादुर की जान के पीछे पड़ गए हैं।

बीएसएफ के माल से चल रही हैं दुकानें!

श्रीनगर के हुमहमा बीएसएफ हेडक्वॉर्टर के आसपास रहने वाले लोगों का दावा है कि एयरपोर्ट के आसपास कई दुकानदार बीएसएफ का राशन और डीजल और दूसरे सामान खरीदते हैं। अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक रोजमर्रा इस्तेमाल के ये सामान दलालों के जरिए खुले बाजार में बेचे जाते हैं और पैसे बीएसएफ के अफसरों तक पहुंचते हैं। अखबार ने कुछ जवानों से भी इस आरोप के बारे में बात की। उन्होंने भी इसकी पुष्टि की है।

‘जवानों के काम का हर सामान बिकता है’

एक ठेकेदार के हवाले से अखबार ने लिखा है कि “हुमहमा कैंप के अफसर हमें आधे दाम पर डीजल, पेट्रोल, चावल, मसाले, दालें और रोजमर्रा की दूसरी चीजें बेच देते हैं। ये सारा सामान जवानों के लिए आया होता है।” ये कोई ढंकी-छिपी बात नहीं है, बल्कि ये सारा खेल खुलेआम कई साल से चल रहा है। श्रीनगर के एक फर्नीचर डीलर ने चौंकाने वाला दावा किया है। उसके मुताबिक ‘ऑफिस और बाकी सरकारी जरूरतों के लिए फर्नीचर खरीदने आने वाले अधिकारी हमसे मोटा कमीशन लेते हैं। उनका कमीशन हमारे मुनाफे से भी ज्यादा होता है। बीएसएफ में कोई ई-टेंडरिंग का सिस्टम नहीं है। अधिकारी आते हैं, अपना कमीशन लेते हैं और फर्नीचर खरीद लेते हैं। कई बार तो उन्हें फर्नीचर की क्वॉलिटी से भी ज्यादा मतलब नहीं होता है।’

बीएसएफ ही नहीं, सभी बेचते हैं सामान

ये हाल सिर्फ बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स का नहीं है। सीआरपीएफ में भी जवानों का सामान बेचना आम बात है। श्रीनगर में एक महीने पहले तक बतौर आईजी (प्रशासन) तैनात रहे सीआरपीएफ के आईजी रवि दीप सिंह शाही ने कहा कि अगर सप्लाई में किसी तरह की गड़बड़ी है, तो इसकी जांच होगी। उनका कहना था कि ‘हमारे जवान हमारी ताकत हैं। उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’ आईजी ने दावा किया कि सीआरपीएफ में चीजों को खरीदने का एक सिस्टम है और कोई भी इसका उल्लंघन नहीं कर सकता है। हालांकि सीआरपीएफ के ही कई जवान इस दावे को गलत बता रहे हैं।

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

comments

Tags: , , ,