केजरीवाल के ‘हवाला मंत्री’ का कच्चा चिट्ठा खुला

अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों के भ्रष्टाचार की फाइलें खुलने लगी हैं। ये जानकारी सामने आई है कि केजरीवाल सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन दरअसल हवाला कारोबारी हैं और उन्होंने फर्जी कंपनियों के नाम पर काले धन को सफेद करने का कारोबार चला रखा है। अब तक वो इस तरीके से करोड़ों रुपये का काला धन सफेद करवा भी चुके हैं। फिलहाल इस मामले में इनकम टैक्स विभाग ने 26 दिसंबर को उन्हें दूसरा नोटिस भेजा है।

सत्येंद्र जैन के काले कारोबार की कहानी

अभी तक की जांच में यह बात सामने आई है कि 2011-12 के रिटर्न में जैन ने 8 लाख रुपये की आमदनी दिखाई है। जबकि इस दौरान वो कई कंपनियों के जरिए लेन-देन भी कर रहे थे। इस सबका जिक्र उन्होंने रिटर्न में नहीं किया। दरअसल पिछले दिनों कोलकाता के एक बड़े हवाला ऑपरेटर जीवेंद्र मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद सत्येंद्र जैन और उनकी फर्जी कंपनियों के असली धंधे का खुलासा हुआ था।

संबंधित रिपोर्ट: केजरीवाल के लिए हवाला कर रहे हैं सत्येंद्र जैन

एक अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक सत्येन्द्र जैन ने इंडो मेटल इंपैक्स और कुछ दूसरी फर्जी कंपनियों के जरिए हवाला कारोबारियों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये की ब्लैकमनी इधर से उधर की है। सत्येंद्र जैन की कंपनियों ने कोई कारोबार नहीं किया और न ही उनका कोई कर्मचारी था, फिर भी हवाला कारोबारियों ने उनके शेयर 60 गुना कीमत पर खरीदे। ये सारी बातें इनकम टैक्स विभाग की जांच में सामने आई है। जाहिर सी बात है कि सत्येंद्र जैन ने हवाला की रकम के बदले इस रास्ते से पेमेंट हासिल की होगी।

कंपनी के रिकॉर्ड से खुली जैन की पोल

कंपनी मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट पर इंडो मेटल इंपैक्स प्राइवेट लिमिटेड की बैलेंस शीट को देखें तो साफ हो जाता है कि 2010-11 में इस कंपनी को सिर्फ 2,62,972 रुपये की कमाई हुई, वो भी ब्याज के रूप में। कंपनी ने क्या कारोबार किया, इसका कोई रिकार्ड नहीं है। मुनाफा भी सिर्फ 63,696 रुपये हुआ। इसके बावजूद हवाला आपरेटरों ने इसके शेयर 600 रुपये के भाव पर खरीदे। कोलकाता के हवाला ऑपरेटरों की जिन 17 फर्जी कंपनियों ने जैन की कंपनी इंडो मेटल इंपैक्स प्राइवेट लिमिटेड के शेयर खरीदे उनमें से कई एक ही पते पर रजिस्टर हैं। आयकर विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि हवाला ऑपरेटर कैश लेकर जैन की कंपनियों को चेक जारी कर उनके कालेधन को सफेद करते थे।

जैन ने करोड़ों रुपये की कमाई छुपाई

इंडो मेटल इंपैक्स प्राइवेट लिमिटेड के अलावा 2010-11 में हवाला ऑपरेटरों ने जैन की ही दूसरी कंपनी कंपनी अकिंचन डेवलपर्स को 1.83 करोड़ रुपये दिए। जबकि उस साल जैन ने अपने आयकर रिटर्न में मात्र 9,09,320 रुपये की कमाई ही घोषित की। इनकम टैक्स को अब तक मिली जानकारी के मुताबिक जैन ने इस साल अलग-अलग रास्तों से मिले करीब 8.26 करोड़ रुपये छिपाए। इसी तरह 2011-12 में सत्येंद्र जैन ने सिर्फ 9,06,980 करोड़ रुपये की कमाई अपने रिटर्न में घोषित की है, इस साल उन्होंने कम से कम साढ़े तीन करोड़ रुपये की आमदनी पर टैक्स नहीं भरा।

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