दिल्ली में केजरीवाल को टेंशन दे रहे हैं तिवारी के ‘तेवर’

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी सियासी मोर्चे पर पहली बार तनाव में दिख रही है। प्रदेश बीजेपी को अब तक हल्के में लेने वाली आम आदमी पार्टी को उसके ही गढ़ में चुनौती मिल रही है। प्रदेश बीजेपी के नए मुखिया और  मनोज तिवारी ने आने के साथ ही झुग्गियों की राजनीति शुरू कर दी है। कभी इसी के सहारे केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों में अपनी पैठ बढ़ाई थी। केजरीवाल सरकार आने के बाद स्लम वाले इलाकों की समस्याएं जस की तस हैं। ज्यादातर जगहों पर सड़क, बिजली और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं गायब हैं। अब मनोज तिवारी इन मुद्दों को लेकर लोगों की नाराजगी को हवा देने में जुट गए हैं।

स्लम एरिया में मनाया नया साल

नए साल के मौके पर मनोज तिवारी इंद्रपुरी गैस गोदाम इलाके में बनी झुग्गियों में जाकर रहे। उन्होंने वहां के अपने अनुभवों और लोगों से बातचीत के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की है और वो इसे अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सौंपने वाले हैं। इसके लिए उन्होंने केजरीवाल से मुलाकात का वक्त मांगा है। मनोज तिवारी ने ये ऑफर भी किया है कि अगर झुग्गी में रहने वालों के लिए केजरीवाल सरकार के पास पैसे नहीं हैं तो वो चैरिटी शो करके पैसा जुटाने को तैयार हैं।

बचाव में आए केजरीवाल के मंत्री

दिल्ली में आम तौर पर आक्रामक दिखने वाले केजरीवाल के मंत्री पहली बार बचाव और सफाई की मुद्रा में दिखने लगे हैं। दरअसल मनोज तिवारी ने कुछ दिन पहले इंद्रपुरी की झुग्गियों में पानी सप्लाई के मुद्दे पर मंत्री और दिल्ली जल बोर्ड के प्रमुख कपिल मिश्रा से मुलाकात की थी। इसका असर ये हुआ कि कपिल मिश्रा ने सार्वजनिक तौर पर बयान दिया कि वहां पानी की कोई दिक्कत ही नहीं, जबकि सच्चाई कुछ और ही है। नतीजा लोगों में केजरीवाल सरकार के लिए गुस्सा भड़कता जा रहा है। उधर कपिल मिश्रा समस्या पर ध्यान देने के बजाय अपनी बौखलाहट ट्विटर पर निकालते दिखे।

पानी नहीं, शराब की दुकान खुली!

इंद्रपुरी इलाके में पानी की समस्या हल नहीं हो पाई, लेकिन उससे पहले दिल्ली सरकार ने यहां शराब के ठेके का लाइसेंस दे रखा है। मनोज तिवारी ने इसे बंद करने का मुद्दा भी उठाया है। लेकिन केजरीवाल सरकार इस मुद्दे पर भी कोई भरोसा देने में नाकाम रही है। इलाके के लोग ठेके का विरोध कर रहे हैं, इसके बावजूद केजरीवाल सरकार इसे लेकर चुप्पी साधे हुए है।

फिलहाल आने वाले दिनों में मनोज तिवारी दूसरी झुग्गी बस्तियों में भी रात बिताकर वहां के मुद्दों को उठाने वाले हैं। भोजपुरी फिल्मों का मशहूर कलाकार होने के नाते उनके लिए लोगों में पैठ बनाना काफी आसान है। जाहिर है उत्तर भारतीय और झुग्गी बस्ती के वोटों के दम पर सत्ता तक पहुंची केजरीवाल सरकार के लिए ये चुनौती आसान साबित नहीं होने वाली है।

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