यूपी में मोदी की रैली से पहले रेल हादसे की साजिश!

क्या लखनऊ में हुई पीएम नरेंद्र मोदी की रैली से पहले बड़ा रेल हादसा करवाने की साजिश थी? यह सवाल दिन भर सोशल मीडिया पर छाया रहा। पहली नजर में यह आरोप सही भी लग रहा है। सोमवार को हुई रैली से ठीक पहले की शनिवार रात कानपुर के पास मंधना में कुछ अज्ञात लोगों ने रेलवे पटरी काटकर हादसा कराने की कोशिश की। रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता के चलते इसका पता चल गया और बड़ा रेल हादसा टल गया। खुद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने भी इस साजिश की आशंका को सही माना है। इससे पहले आगरा में पीएम मोदी की रैली से पहले भी कानपुर के ही पास पुखरायां में रेल हादसा हुआ था और उसमें 150 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। अब सवाल उठ रहा है कि क्या वो हादसा भी ऐसी ही किसी साजिश का नतीजा था।

रविवार रात करीब साढ़े 10 बजे अंकुर सिंह नाम के व्यक्ति ने ट्विटर पर लिखा कि लखनऊ में मोदी की रैली से पहले बड़े रेल हादसे की प्लानिंग थी। पिछला हादसा भी मोदी की रैली से कुछ वक्त पहले ही हुआ था। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इसे रीट्वीट भी किया।

कैसे रची गई रेल हादसे की साज़िश?

शनिवार देर रात कानपुर के पास नारामऊ और मंधना रेलवे स्टेशनों के बीच पटरी की 40-50 क्लिप्स के अलावा जॉगल प्लेट्स खोल दी गई थीं। एक जगह से पटरी को काटने की भी कोशिश साफ देखी जा सकती थी। ये लोग अभी अपना काम कर ही रहे थे, तभी इत्तेफाक से पटरियों की जांच करने वाली रेलवे की एक टीम पहुंच गई। उन्हें देखकर ये लोग भाग गए। कन्नौज जिले के आरपीएफ थाने में इस घटना की एफआईआर दर्ज कराई गई है। सुरक्षा बल इस घटना के पीछे राजनीतिक साजिश का एंगल मान रहे हैं।

पटरी के कई पेच निकाले जा चुके थे और इसे काटने का काम चल रहा था। रेलवे टीम को देखकर बदमाश भाग गए।

डेढ़ महीने में कानपुर में दो रेल हादसे!

पिछले डेढ़ महीने में कानपुर के आसपास ही 2 बड़े रेल हादसे हो चुके हैं। 28 दिसंबर को कानपुर के रूरा स्टेशन के पास अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। हादसे में 52 यात्री घायल हुए थे। इससे पहले 20 नवंबर को कानपुर के ही पास पुखरायां में बहुत बड़ा ट्रेन हादसा हुआ। इसमें 150 के करीब लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए। ये हादसा आगरा में पीएम मोदी की रैली से ठीक पहले हुई थी। कानपुर से बीजेपी सांसद मुरली मनोहर जोशी ने हादसे के बाद शक जताया था कि इसका मोदी की रैली से कुछ न कुछ कनेक्शन जरूर है।

एक अपील: देश और हिंदुओं के खिलाफ पत्रकारिता के इस दौर में न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

comments

Tags: , , , ,