जानिए दामाद पर छापे से क्यों तिलमिलाए केजरीवाल

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के ओएसडी डॉक्टर निकुंज अग्रवाल पर सीबीआई छापे का मामला तूल पकड़ रहा है। खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस केस में कूद पड़े हैं। सीबीआई छापे से भड़के सीएम केजरीवाल ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गाली-गलौज का इस्तेमाल किया। केजरीवाल इस छापे को लेकर बहुत भड़के हुए हैं, लेकिन उनकी तिलमिलाहट का असली कारण क्या है ये मीडिया नहीं बता रहा। दरअसल जिस निकुंज अग्रवाल की फर्जी नियुक्ति और भ्रष्टाचार का केस चल रहा है वो केजरीवाल की साली का दामाद है।

केजरीवाल का ‘रॉबर्ट वाड्रा’ है निकुंज अग्रवाल

केजरीवाल के इस दामाद की कहानी भी काफी कुछ रॉबर्ट वाड्रा जैसी ही है। केजरीवाल के सीएम बनने के बाद से निकुंज अग्रवाल सत्ता के भरपूर मजे ले रहा है। उसे न सिर्फ फर्जी तरीके से सरकारी अस्पताल के डॉक्टर की नौकरी दी गई, बल्कि कुछ दिन के अंदर ही उसे सीधे स्वास्थ्यमंत्री का ओसएडी बनाने का ऑर्डर निकल गया। इस जिम्मेदारी पर रहते हुए निकुंज अग्रवाल ने हर वो काम किया जिसके विरोध में कुछ वक्त पहले केजरीवाल लंबे-लंबे भाषण दिया करते थे। यहां तक कि उसने पद पर रहते हुए सरकारी खर्चे पर कई देशों की यात्राएं भी कर डालीं, जबकि नियमों के मुताबिक वो ऐसा नहीं कर सकता था। 22 अक्टूबर को न्यूज़लूज पर हमने केजरीवाल के दामाद की करतूतों का कच्चा चिट्ठा पोस्ट किया था।


रिपोर्ट पढ़ें: अरविंद केजरीवाल के दामाद पर कस रहा है शिकंजा

सरकारी डॉक्टर बनाने को लेकर है सवाल

निकुंज अग्रवाल की सरकारी डॉक्टर के तौर पर नियुक्ति हाथ से लिखी एक अर्जी के आधार पर हुई है। इसके लिए न तो कोई विज्ञापन निकाला गया और न ही सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया का पालन किया गया। निकुंज अग्रवाल की पहली नियुक्ति गीता कॉलोनी के चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय (सीएनबीसी) के डॉक्टर के तौर पर हुई थी। इसलिए सीबीआई ने अस्पताल के निदेशक अनूप मोहता के दफ्तर पर भी छापेमारी की। दिल्ली सरकार के उप-सचिव (सतर्कता) केएस मीणा की शिकायत पर दोनों के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने और भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। हाल ही में एलजी के पद से इस्तीफा देने वाले नजीब जंग ने मामला सीबीआई को सौंपा था।

सीबीआई छापे से तिलमिलाए केजरीवाल

अपने दामाद पर छापे से भड़के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने शाम होते-होते एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमत्री मोदी पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाते हुए उन्हें धमकियां दीं। केजरीवाल ने कहा कि मैं पूरे देश में बताऊंगा कि पीएम मोदी ने रिश्वत ली है। बात इतने तक ही होती तो फिर भी ठीक था, केजरीवाल ने राजेंद्र कुमार पर छापों के वक्त पीएम के लिए जिस भाषा का इस्तेमाल किया था उसे एक बार फिर से दोहराया। बताया जा रहा है कि इस विवाद से केजरीवाल काफी परेशान हैं। वो नहीं चाहते कि लोगों को पता चलने पाए कि आरोपी दरअसल रिश्ते में उनका दामाद है। इसी बात को छिपाने के लिए केजरीवाल ने निकुंज अग्रवाल को अपने दफ्तर में नौकरी दिलाने के बजाय सत्येंद्र जैन के मंत्रालय में फिट करवाया। लेकिन उनका ये दांव अब महंगा पड़ता दिख रहा है।

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