जब कठमुल्लों के बचाव में आगे आईं बरखा दत्त!

विवादित पत्रकार बरखा दत्त का इस्लामी कट्टरपंथियों और आतंकवादियों से प्रेम एक बार फिर सामने आया है। मामला क्रिकेटर मोहम्मद शमी को लेकर पैदा हुआ। दरअसल शमी ने अपनी पत्नी के साथ एक तस्वीर फेसबुक पर शेयर की थी। बिना बुरका पहने महिला को देखते ही इस्लामी कट्टरपंथियों ने शमी पर गालियों की बौछार शुरू कर दी। यहां तक कि उन्हें धमकियां भी दी गईं। पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने शमी की पोस्ट पर आए कुछ कमेंट्स की तस्वीर ट्विटर पर शेयर करते हुए शमी का समर्थन करने की बात कही। जिस पर बरखा दत्त ने लीपापोती शुरू कर दी।

कमेंट्स को झूठा ठहराने की कोशिश की

मोहम्मद कैफ जैसे पूर्व भारतीय क्रिकेटर के ट्वीट की सच्चाई को लेकर बरखा दत्त ने सवाल उठाने की कोशिश की। उन्होंने कैफ के ट्वीट पर कमेंट किया कि “क्या वाकई? क्या ये सही है? इससे किसी दूसरे को लेनादेना नहीं होना चाहिए।” दरअसल मोहम्मद शमी की तस्वीर पर भद्दे कमेंट्स और धमियों का मामला एक दिन पहले से ही मीडिया में आ चुका था। ऐसा संभव नहीं कि बरखा दत्त को पता न हो। लेकिन उन्होंने अनजान बनते हुए सबसे पहले कैफ की पोस्ट की तस्वीर को ही झुठलाना शुरू कर दिया। उन्होंने ऐसे जताया कि मोहम्मद कैफ ने झूठी तस्वीर पोस्ट की है।

ट्विटर पर लोगों ने बरखा दत्त के इस रवैये को फौरन भांप लिया और उनसे चुभते सवाल पूछे गए, जिनका बरखा दत्त के पास कोई जवाब नहीं था। जवाब देने के बजाय उन्होंने ट्विटर पर ही लोगों को अंग्रेजी में बुरा-भला कहना शुरू कर दिया। नीचे आप उन कमेंट्स को देख सकते हैं जिन्हें मोहम्मद कैफ ने जब पोस्ट किया तो बरखा दत्त ने उलटा उन्हें ही गलत ठहराने की कोशिश शुरू कर दी।

कठमुल्लों का बचाव करती रही हैं बरखा!

अक्सर ये देखा जाता है बरखा दत्त इस्लामी कट्टरपंथ और आतंकवादियों का बचाव करती हैं। यहां तक बुरहान वानी को भी बेकसूर साबित करने में उन्होंने पूरा जोर लगा दिया था। सोशल मीडिया पर वो हिंदू धर्म के त्यौहारों की हंसी उड़ाते भी देखी जा चुकी हैं इसी साल अमेरिका में एक पैनल डिस्कशन में उन्हें बुलाया गया था, जिसमें इस्लाम में महिलाओं की स्थिति पर चर्चा हो रही थीं। कार्यक्रम में इस्लाम छोड़ चुकीं अयान हिरसी अली ने जब मुसलमानों की असलियत खोलनी शुरू की थी तो बरखा दत्त बौखला गई थीं और उन्होंने हिंदू धर्म को बदनाम करना शुरू कर दिया था।

बरखा दत्त पर कश्मीरी आतंकवादियों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद के आरोप भी लगते रहे हैं। आरोप है कि करगिल युद्ध में उन्होंने पाकिस्तानी सेनाओं को भारतीय ठिकानों की जानकारी पहुंचाई थी, जिसके चलते कई भारतीय पोस्ट पर सटीक निशाना लगाकर गोले दागे गए थे और कई भारतीय जवानों को शहीद होना पड़ा था।

पढ़ें रिपोर्ट: क्या करगिल में बरखा दत्त के कारण मारे गए भारतीय जवान

इसी तरह पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर भी बरखा दत्त ने रिपोर्टिंग के बहाने कई भारतीय इलाके दिखाए। आरोप है कि पाकिस्तानी सेना ने उनकी रिपोर्ट से मिली जानकारी के आधार पर हमले बोले, जिससे भारत को कई जगहों पर नुकसान भी उठाना पड़ा।

पढ़ें रिपोर्ट: बरखा दत्त जहां-जहां गईं, भारतीय जवानों की जान गई

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