Loose Top

गोवा में केजरीवाल ने क्यों काटा सरदेसाई का नाम?

वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई से बात पक्की होने के बाद भी अरविंद केजरीवाल ने आखिरी वक्त में उनका नाम गोवा के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर घोषित नहीं किया। उनकी जगह एल्विस गोम्स को सीएम कैंडिडेट बनाया गया है। केजरीवाल के इस कदम से आम आदमी पार्टी की गोवा यूनिट के नेताओं में भी हैरानी है। क्योंकि इससे पहले उन्हें राजदीप सरदेसाई का नाम नेता के तौर पर बताया गया था। इसी साल मई में पणजी में आम आदमी पार्टी की एक रैली में खुद राजदीप सरदेसाई और उनकी पत्नी सागरिका घोष पहुंचे थे, जिसके बाद दोनों के जल्द राजनीति में उतरने की खबरें उड़ी थीं। उस वक्त की हमारी रिपोर्ट पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें:

पढ़े: सीएम और एमपी के बीच कन्फ्यूज हैं राजदीप सरदेसाई

राजदीप सरदेसाई से खुश नहीं केजरीवाल!

आप के नेता ने हमें बताया कि इसी साल अगस्त में एक खबर के सिलसिले में केजरीवाल ने राजदीप सरदेसाई से संपर्क किया था। वो चाहते थे कि राजदीप अपने चैनल में उस खबर को रुकवा दें। राजदीप सरदेसाई से बोलने के बावजूद चैनल में वो खबर चली। जिसके बाद केजरीवाल और राजदीप के रिश्तों में खटास आनी शुरू हो गई थी। केजरीवाल को लगने लगा था कि मीडिया में होने के बावजूद वो दिल्ली सरकार के खिलाफ खबरें नहीं रुकवा पा रहे हैं। राजदीप ने बाद में इस बारे में केजरीवाल को सफाई भी दी थी, लेकिन बात नहीं बनी।

आखिरी वक्त तक राजदीप ने की कोशिश

हमारे सूत्र ने बताया कि केजरीवाल से संबंध ठीक करने और गोवा में सीएम पद की दावेदारी पाने के लिए राजदीप सरदेसाई ने आखिरी समय तक पूरी कोशिश की। उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष के जरिए केजरीवाल के पास कम से कम दो बार मैसेज भी भिजवाया। लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद राजदीप ने इंडिया टुडे ग्रुप के अपने चैनल के एक प्रोग्राम में केजरीवाल को बतौर मेहमान बुलवाया। बताया जा रहा है कि उस प्रोग्राम में पहले से केजरीवाल का नाम नहीं तय था। राजदीप सरदेसाई के कहने पर ही आखिरी वक्त में केजरीवाल का नाम डाला गया।

इंटरव्यू में बेहद तल्ख़ दिखे थे केजरीवाल!

प्रोग्राम में राजदीप सरदेसाई ने अरविंद केजरीवाल का बेहद चापलूसी भरा इंटरव्यू लिया। इसमें उन्होंने ज्यादातर ऐसे सवाल पूछे जिनसे केजरीवाल को कोई दिक्कत न हो और वो जो मर्जी बोलने के लिए चैनल के मंच का इस्तेमाल कर सकें। इसके बावजूद सरदेसाई ने जब एक-दो बार टोका-टाकी की कोशिश की तो केजरीवाल ने उन्हें काफी बुरे तरीके से शांत करा दिया। केजरीवाल ने पूरे इंटरव्यू में कई बार राजदीप को बाकायदे डांट पिलाई और राजदीप चुपचाप डांट सहते रहे। इसके बावजूद केजरीवाल का दिल नहीं पसीजा और राजदीप सरदेसाई का पत्ता कट गया।

केजरीवाल ने खुद राजदीप का नाम हटाया!

हमें यह भी पता चला है कि गोवा में सीएम उम्मीदवार के लिए एल्विस गोम्स के नाम के एलान से पहले केजरीवाल ने राज्य के कार्यकर्ताओं से कोई बात नहीं की थी। जबकि वो कहते रहे हैं कि उनकी पार्टी में नेताओं का चुनाव कार्यकर्ताओं की राय से होता है। जहां तक गोवा के वॉलेंटियर्स का सवाल है उन्हें कुछ दिन तक यही पता था कि राजदीप सरदेसाई बहुत जल्द यहां आकर राजनीति में सक्रिय होने वाले हैं। सरदेसाई भी गोवा के ही रहने वाले हैं। हमारे सूत्र ने बताया कि केजरीवाल ने खुद राजदीप सरदेसाई को हटाकर एल्विस गोम्स का नाम आगे बढ़ाने का फैसला किया। वैसे आम आदमी पार्टी कुछ वक्त से दिल्ली सरकार के विज्ञापनों के दम पर गोवा की मीडिया में अपने पक्ष में खबरें प्लांट कराती रही है।

पढ़ें: दिल्ली की तरह गोवा में भी बिक रहे हैं पत्रकार

‘कमाऊ’ अफसर के तौर पर मशहूर गोम्स

जिस एल्विस गोम्स को केजरीवाल ने अपनी कथित ईमानदार पार्टी का सीएम कैंडिडेट बनाया है वो गोवा में आईजी (जेल) रहे हैं। उनकी इमेज हमेशा से एक भ्रष्ट अफसर की रही है। गोवा हाउसिंग बोर्ड में रहने के दौरान उन पर 30 हजार स्क्वायर मीटर की जमीन हड़पने का आरोप भी लगा था। इस केस में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। एक के बाद एक करप्शन के आरोपों के बाद उन्हें वीआरएस लेना पड़ा था और कुछ दिन बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर लिया।

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:
Donate with

comments

Polls

क्या कांग्रेस का घोषणापत्र देश विरोधी है?

View Results

Loading ... Loading ...