हिंदुस्तानियों को मुंह चिढ़ाते हुए पैदा हुआ है तैमूर!

अरुण पांडेय नोएडा में ज़ी बिज़नेस में कार्यरत हैं।

नवाब पटौदी के बेटे सैफ अली खान और राज कपूर की पोती करीना का बेटा तैमूर कहलाएगा। वैसे तो किसी मां-बाप को अपनी संतान का नाम रखने का पूरा हक है। लेकिन जो कहते हैं नाम में क्या रखा वो बकवास करते हैं। अगर नाम में कुछ नहीं रखा तो नाम रखने इतनी जद्दोजहद क्यों करते हैं? रखने को किसी भी नाम को रखने को आप आजाद हैं, लेकिन कुछ नाम नहीं रखे जाते क्योंकि उनका कलंकित इतिहास है। जैसे रावण, कंस, विभीषण, कुंभकरण, औरंगजेब, चंगेज खान, हिटलर, मुसोलिनी, मुअम्मर गद्दाफी, ओसामा बिन लादेन, ईदी अमीन जैसे नाम कोई नहीं रखता। जर्मनी में जरा पता कर लीजिए हिटलर कितने लोगों का नाम है। इटली में कितने लोगों का नाम मुसोलिनी है या फिर यूगांडा में ईदी अमीन नाम कितने लोगों ने रखा है।

तैमूर का मतलब फौलाद होता है, तो फौलाद ही रख लेते, इस्पात रख लेते, लेकिन सैफ अली खान ने तैमूर नाम चिढ़ाने के लिए ही रखा है।
गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर की बेटी के सुपुत्र सैफ अली खान और उनकी दूसरी बीवी करीना ने साबित कर दिया कि उन्हें भारतीयों की संवेदनाओँ की कोई परवाह नहीं है। इन दोनों को कुछ नहीं तो अपने फैन्स का ध्यान रखना चाहिए, लेकिन स्वतंत्रता के नाम पर ये कतई जायज नहीं ठहराया जा सकता।

मेरी बात से कुछ लोगों को एतराज हो सकता है, उससे मुझे कोई उज्र नहीं है। किसी सामान्य आदमी ने ये नाम रखा होता तो उसका असर बहुत सीमित होता, लेकिन सैफ और करीना ने तैमूर नाम रखकर जानबूझकर चिढ़ाने की कोशिश की है। सब जानते हैं कि सैफ इस मामले में माहिर है। लेकिन याद रखना सैफ बाबू जब तुम्हारा बच्चा बड़ा होगा और तैमूर का इतिहास पढ़ेगा तो पूरी संभावना है कि वो आपको कोसेगा और अपना नाम बदल लेगा। आप लोगों की इस हरकत पर प्रसन्न तो कतई नहीं होगा। मैं हिंदी और उर्दू के शब्दकोश, और इंग्लिश की डिक्शनरी में मौजूद सभी सख्त शब्दों के जरिए सैफीना की इस हरकत की आलोचना करता हूं।

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