Loose Top

माल्या की तरह विदेश भागेगा चिदंबरम का लाडला?

सीनियर कांग्रेस नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम का बेटा कार्ति देश छोड़कर भागने की फिराक में है। ये अटकलें बीते कुछ वक्त से लग रही हैं। कार्ति के खिलाफ अरबों के घोटाले की जांच चल रही है। एयरसेल-मैक्सिम घोटाले में तीन-तीन बार समन भेजे जाने के बावजूद वो प्रवर्तन निदेशालय के आगे हाजिर नहीं हुआ है। इसके अलावा कार्ति के खिलाफ दुनिया भर में बेनामी संपत्ति रखने के मामलों में भी जांच चल रही है। सूत्रों के मुताबिक ईडी अब तक 14 देशों में कार्ति चिदंबरम की जायदाद के सुराग पा चुकी है। कहा जाता है कि ये सारी संपत्ति उसने अपने पिता पी चिदंबरम की मदद से या उनके प्रभाव का इस्तेमाल करके कमाई है। लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद से बाप-बेटे की जोड़ी के बुरे दिन चल रहे हैं।

कार्ति की संपत्ति जब्त करने की तैयारी

एयरसेल-मैक्सिम घोटाले में ईडी कार्ति की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी कर रही है। पी चिदंबरम के वित्तमंत्री रहते 2007 में एयरसेल को मैक्सिम ने खरीदा था और इसके लिए गलत तरीके से मंजूरी दी गई थी। इसी केस में तब के टेलीकॉम मंत्री दयानिधि मारन और उनके भाई कलानिधि मारन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और उनकी 752 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त हो चुकी हैं। हालांकि कार्ति चिदंबरम अब तक खुद को गिरफ्तारी से बचा पाने में कामयाब रहा है।

कई देशों में है कार्ति की बेनामी जायदाद

बताया जाता है कि कार्ति चिदंबरम ने पिछली यूपीए सरकार के दौरान बेहिसाब जायदाद बनाई। उसकी कई बेनामी संपत्तियां भारत के अलावा दूसरे देशों में भी हैं। ईडी के हवाले से मीडिया में ऐसी कई रिपोर्ट छप चुकी हैं। फिलहाल इन संपत्तियों का पता लगाने की कोशिश जारी है। दोनों बाप-बेटे ने एडवांटेज इंडिया नाम से कंपनी बना रखी थी। ये कंपनी वासन आई सेंटर नाम के अस्पताल चेन के 90 हजार शेयरों की मालिक है। ये शेयर उन्होंने कौड़ियों के भाव यानी सिर्फ 33 रुपये प्रति शेयर पर खरीदे। एडवांटेज इंडिया ने मॉरीशस की एक कंपनी को इनमें से 30 हजार शेयर 7500 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेच दिए। इस तरह से जो मोटी कमाई हुई उसे बेटे ने बाप के नाम का इस्तेमाल करते हुए विदेशों में ही बेनामी संपत्तियों में लगा दिया। एक अनुमान के मुताबिक कार्ति की जायदाद आज विजय माल्या से कईगुना ज्यादा है।

माल्या और कार्ति चिदंबरम में कनेक्शन

अक्सर ये खबरें आती रही हैं कि कार्ति चिदंबरम को कारोबार फैलाने में विजय माल्या ने काफी मदद की थी। ये वो वक्त था जब पिता चिदंबरम के वित्तमंत्री रहते विजय माल्या को सरकारी बैंकों से बेरोकटोक लोन दिलवाए जा रहे थे। कहा तो यहां तक जाता है कि विजय माल्या ने दुनिया भर के कई शहरों में कार्ति चिदंबरम को उसका कारोबार जमाने में हाथ बंटाया। लेकिन विजय माल्या पर सरकारी शिकंजा कसने के बाद अब कार्ति चिदंबरम की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं।

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:
Donate with

comments

Polls

क्या कांग्रेस का घोषणापत्र देश विरोधी है?

View Results

Loading ... Loading ...