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जानिए कि आपके एटीएम का पैसा कहां जा रहा था!

नोटबंदी के बाद देशभर के बैंकों ने जिस बड़े पैमाने पर धांधली की उसकी परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। हवाला और फर्जी एकाउंट ही नहीं, बल्कि कई दूसरे तरीकों से भी बैंकों के अफसरों और कर्मचारियों ने काले धन को सफेद बनाया। इसमें एक तरीका था एटीएम में भरी जाने वाली रकम का। यह पता चला है कि कई बैंकों ने एटीएम के लिए जारी नोटों को कमीशन लेकर कुछ धन्नासेठों के पास पहुंचा दिया।

एटीएम का पैसा पहुंचा तिजोरी में!

10 नवंबर के बाद जब बैंक खुले तो उम्मीद की जा रही थी कि थोड़े-थोड़े ही सही लेकिन सबको पैसे मिल जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके पीछे बड़ी वजह यह रही कि बैंकों ने एटीएम को भेजे जाने वाली सीरीज के नोट काले कुबेरों को सीधे देने शुरू कर दिए। इसकी वजह से इसके लिए बैंक अधिकारियों ने बाकायदा पैसा डालने के लिए जिम्मेदार एजेंसियों के साथ मिलीभगत करके यह खेल खेला। सबसे घिनौनी बात यह है कि इस दौरान बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग रही थीं और लोग परेशान थे। लोगों पर तरस खाने के बजाय ये बैंक अफसर अपनी जेब भरते रहे।

कई-कई दिन तक बंद रखे एटीएम

कई बैंकों की बैलेंस शीट में पाया गया है कि रोज या एक दिन के अंदर पर एटीएम के लिए पैसे जारी किए गए, लेकिन वास्तव में ये पैसे एटीएम में न जाकर ब्लैकमनी वालों के घर पर पहुंचा दिए गए। इस दौरान एटीएम बंद पड़े रहे और लोग परेशान होते रहे। सीबीआई अब बैंकों के पूरे खातों की जांच कर रही है कि किस एटीएम के लिए कितनी रकम जारी की गई और कितनी रकम वास्तव में एटीएम तक पहुंची।

बैंगलोर में पकड़े गए पैसों से खुलासा

पिछले दिनों बैंगलोर में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के दो इंजीनियरों के घर से करोड़ों रुपये के नए नोट बरामद किए गए थे। इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने जब जांच की तो पाया कि इनमें से 1 करोड़ 30 लाख रुपये शहर के 31 एटीएमों में डालने के लिए जारी किए गए थे, लेकिन उन्हें भ्रष्ट सरकारी अफसरों के घर पर पहुंचा दिया गया। अब पता चल रहा है कि यह तरीका सिर्फ बैंगलोर नहीं, बल्कि तमाम शहरों में अपनाया गया है। इस तरह से धांधली जहां भी हुई है उसे छिपाना नामुमकिन होगा। क्योंकि नोट के सीरीज से पता चल जाता है कि वो पैसा वाकई में डिलीवर हुआ है या नहीं।

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