मीडिया ने रिजिजू पर चिपका दिया कांग्रेस का घोटाला!

अरुणाचल प्रदेश में एक पनबिजली परियोजना में घोटाले की खबर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश के बड़े चैनल और अखबारों की लगाम अब भी कांग्रेस के पास ही है। सुबह इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने रिपोर्ट छापी कि अरुणाचल प्रदेश में चल रहे इस प्रोजेक्ट में धांधली हुई है और इसमें केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का नाम भी घसीट लिया। अब इस मामले से जुड़े जो तथ्य सामने आ रहे हैं उनके मुताबिक पूरी कहानी ही उलटी है। प्रोजेक्ट से जुड़े सारे ठेके 2013 में कांग्रेस की सरकार के वक्त में दिए गए थे और इसमें जमकर घोटाला हुआ था। विजिलेंस ने अपनी जांच में इसी बात को रिपोर्ट किया था, लेकिन घोटाला खुले इससे पहले कांग्रेस ने इंडियन एक्सप्रेस और दूसरे अखबारों-चैनलों की मदद से पूरा मामला घुमा दिया। रिपोर्ट देने वाले सीवीसी ने भी इसमें बेहद शातिर खेल खेला है। सीवीसी सतीश वर्मा वही आईपीएस अफसर है, जिसने इशरत जहां एनकाउंटर को फर्जी साबित करने के लिए अफसरों को टॉर्चर किया था। सतीश वर्मा कांग्रेस का पालतू अफसर माना जाता है।

साजिश के तहत छपवाई झूठी रिपोर्ट!

इंडियन एक्सप्रेस के ही एक पत्रकार ने हमें बताया कि इस खबर को लेकर खिचड़ी पिछले कुछ वक्त से पक रही थी। पहली नजर में ये पूरी तरह से पिछली सरकार के करप्शन का मामला बनता था। लेकिन चूंकि इसमें किरेन रिजिजू की एक चिट्ठी का जिक्र भी था, इसलिए अखबार के संपादक के दिमाग में इस खबर को बिल्कुल नया एंगल देने का आइडिया आया। हम यहां पर आपको बता दें कि इंडियन एक्सप्रेस के संपादक राजकमल झा कांग्रेस के प्रवक्ता संजय झा के सगे भाई हैं। पूरी खबर में यह जानकारी ही गायब है कि ठेके 2013 में कांग्रेस सरकार के वक्त दिए गए थे।

तथ्य सामने आते ही खुली झूठ की पोल

खुद किरेन रिजिजू ने इस मामले से जुड़े सारे कागजात सुबह ही जारी कर दिए, ताकि सच्चाई सामने आ जाए। उन्होंने बताया कि इलाके के लोग मेरे पास पेमेंट रुके होने की शिकायती चिट्ठी लेकर आए थे, जिसे मैंने मंत्री के पास फॉरवर्ड कर दिया। लेकिन वो चिट्ठी मेरे भाई की नहीं है। हमारे इलाके में आपस में सभी हमउम्र लोग एक-दूसरे को भाई बोलते हैं। इस प्रोजेक्ट में कांग्रेस के वक्त ही कई घोटाले हुए थे। इसे पहली नज़र में 450 करोड़ का घोटाला माना जा रहा है। बहुत जल्द इसकी सीबीआई जांच के आदेश भी जारी होने की उम्मीद है।

अखबार के झूठ को कांग्रेस ने मुद्दा बनाया

इंडियन एक्सप्रेस और कांग्रेस के मिलीभगत का शक इसी बात से पैदा होता है कि इंडियन एक्सप्रेस की इस अधकचरी खबर की बिना जांच-पड़ताल के ही कांग्रेस ने इसे घोटाला-घोटाला कहना शुरू कर दिया। जबकि कागजात पर नजर डालें तो फौरन समझ में आ जाएगा कि ये घोटाला तो दरअसल कांग्रेस का ही है। उधर कांग्रेस ने इस मामले पर शर्मिंदा होने के बजाय मंत्री किरेन रिजिजू का इस्तीफा मांगना भी शुरू कर दिया। मीडिया और कांग्रेस की इस शरारतपूर्ण हरकत पर किरेन रिजिजू ने ट्वीट करके अपनी नाराजगी भी जताई है।

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

comments

Tags: , , , , ,

Don`t copy text!