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केजरीवाल के खिलाफ अमेरिकी डॉक्टर का सत्याग्रह

आम आदमी पार्टी को दिए चंदे का हिसाब मांगने के लिए दिल्ली में एक सत्याग्रह शुरू होने जा रहा है। इस सत्याग्रह की अगुवाई अमेरिका के शिकागो में रहने वाले मशहूर डॉक्टर मुनीष रायजादा कर रहे हैं। 24 दिसंबर से शुरू होने वाले इस आंदोलन के लिए दुनिया भर में बसे भारतीयों के पहुंचने की उम्मीद है। ये वो लोग हैं, जिन्होंने करप्शन के खिलाफ आंदोलन के नाम पर विदेशों से चंदा भेजा था। उनका कहना है कि केजरीवाल को चंदा भेजकर वो लोग ठगे गए हैं और अब चाहते हैं कि पार्टी उनके चंदे का हिसाब दे। इसे ‘चंदा बंद आंदोलन’ का नाम दिया गया है।

आप को चंदा न देने की अपील

डॉक्टर मुनीष रायजादा आम आदमी पार्टी की एनआरआई सेल के संस्थापक रहे हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव तक उन्होंने अमेरिका और यूरोप में अपने असर का इस्तेमाल करके पार्टी को काफी चंदा दिलवाया था। लेकिन लालू यादव के खिलाफ एक ब्लॉग लिखने के कारण अरविंद केजरीवाल ने उन्हें पार्टी से बाहर निकाल दिया था।

रिपोर्ट पढ़ें: लालू को भ्रष्ट कहने पर केजरीवाल ने निकाला

डॉ. रायजादा पिछले कुछ वक्त से सोशल मीडिया पर लोगों से अपील करते रहे हैं कि वो आम आदमी पार्टी को तब तक चंदा न दें जब तक कि पार्टी इसके बारे में वेबसाइट पर जानकारी न पोस्ट करे। अब वो भारत आकर उन सभी लोगों को एकजुट करने जा रहे हैं जिनको ईमानदारी और करप्शन-फ्री इंडिया के नाम पर अरविंद केजरीवाल ने ठगा। 24 दिसंबर को राजघाट से एक मार्च निकालेंगे और केजरीवाल के चुनाव क्षेत्र नई दिल्ली में घर-घर जाकर लोगों से अपील करेंगे कि वो आम आदमी पार्टी को चंदा न दें। उनका कहना है कि केजरीवाल और उनके कुछ चाटूकारों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बनी इस पार्टी को हाइजैक कर लिया है और अब वो हमारे चंदे को दबाकर बैठे हैं। यूट्यूब के जरिए डॉ मुनीष रायजादा ने लोगों से अपील की है:

दिल्ली की जनता से मांगेंगे माफी

डॉ. रायजादा ने कहा है कि वो नई दिल्ली चुनाव क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों से माफी मांगेंगे। क्योंकि आम आदमी पार्टी ने उनके चंदे का दुरुपयोग किया है और उनके विश्वास को तोड़ा है। अरविंद केजरीवाल ने झूठ बोलकर पार्टी की वेबसाइट से चंदे का हिसाब हटा दिया, जबकि चुनाव से पहले वो कहा करते थे कि आम आदमी पार्टी इकलौती पार्टी है जो खुद को चंदा देने वाले हर व्यक्ति की जानकारी सार्वजनिक करती है। मुनीष रायजादा ने कुछ दिन पहले इस सिलसिले में केजरीवाल को चिट्ठी भी लिखी थी, लेकिन केजरीवाल ने इस पर कोई जवाब तक नहीं दिया।

रिपोर्ट पढ़ें: अमेरिकी डॉक्टर ने केजरीवाल से चंदा वापस मांगा

केजरीवाल पर बढ़ रहा है घेरा

दरअसल बीते कुछ वक्त से जिस तरह से आम आदमी पार्टी और इसके सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर करप्शन के आरोप लग रहे हैं उससे पार्टी के शुरुआती दिनों में जुड़े लोगों में बेचैनी बढ़ रही है। मुनीष रायजादा और उनके जैसे सैकड़ों लोगों ने भारत से बाहर रहते हुए भी केजरीवाल को हर तरह से मदद की थी। लेकिन बाद में इन सभी लोगों को किनारे लगा दिया गया। ये सभी अपने प्रोफेशन में जमे-जमाए लोग हैं। इनमें डॉक्टर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और दूसरे तमाम पेशों के लोग शामिल हैं। इन लोगों की शिकायत यही है कि उन्होंने जब अपना इतना कीमती वक्त और पैसा आम आदमी पार्टी के नाम पर खर्च किया तो अब वो इसका पूरा हिसाब लेकर ही रहेंगे। जाहिर है अरविंद केजरीवाल के लिए बहुत दिन तक इससे आंखें चुराना आसान नहीं होगा।

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