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हेलीकॉप्टर घोटाले में अगला नंबर सोनिया गांधी का!

अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले की आंच सोनिया गांधी के दरवाजे तक पहुंच गई है। पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी की गिरफ्तारी के बाद अब अगला नंबर इस घोटाले में शामिल नेताओं का हो सकता है। दिल्ली की अदालत में पेशी के वक्त एसपी त्यागी ने साफ तौर पर कहा कि इस सौदे में वो इकलौते नहीं थे, बल्कि तब के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दफ्तर की तरफ से सामूहिक फैसला लिया गया था। हम यहां पर आपको याद दिला दें कि इसी साल अगस्त में इटली की कोर्ट ने हेलीकॉप्टर सौदे में घोटाले के आरोप में सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, अहमद पटेल और ऑस्कर फर्नांडिस को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने अपने फैसले में सोनिया गांधी को इस घोटाले की ‘मेन ड्राइविंग फोर्स’ यानी मुख्य साजिशकर्ता करार दिया था।

एसपी त्यागी की कोर्ट में पेशी

सीबीआई ने पूर्व वायुसेनाध्यक्ष को शनिवार दोपहर में कोर्ट के आगे पेश किया। सीबीआई ने कहा कि हेलीकॉप्टरों की खरीद का यह घोटाला अंतरराष्ट्रीय स्तर का है। इसका प्रभाव भी कई देशों पर पड़ा है। इसे मानते हुए कोर्ट ने त्यागी को 4 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। एसपी त्यागी को शुक्रवार को उनके भाई संजीव त्यागी उर्फ जूली और वकील गौतम खेतान के साथ गिरफ्तार किया गया था।

क्या है अगस्ता हेलीकॉप्टर घोटाला?

मनमोहन सिंह के दूसरे कार्यकाल में इटली की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से 12 हेलीकॉप्टरों की खरीद के लिए 36 अरब रुपये का समझौता हुआ था। ये हेलीकॉप्टर देश के सबसे बड़े नेताओं जैसे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के लिए खरीदे जा रहे थे। लेकिन हेलीकॉप्टर की खरीद में नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए गए और इसके बदले कांग्रेस पार्टी के नेताओं को मोटी रिश्वत दी गई। इस दौरान इटली में रिश्वत दिए जाने का खुलासा हो गया। वहां चली अदालती कार्रवाई के बाद कंपनी के दो बड़े अफसरों को घूस देने का दोषी पाया गया और उन्हें साढ़े चार और चार साल जेल की सजा सुनाई गई।

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सोनिया को सजा भारत दे- कोर्ट

इटली की अदालत ने सोनिया गांधी समेत बाकी आरोपियों को यह कहते हुए कोई सजा नहीं दी कि वो सभी दूसरे देश में रह रहे हैं, लिहाजा उन्हें सजा देने की जिम्मेदारी वहां की अदालतों की है। इटली की अदालती कार्रवाई में सोनिया गांधी का नाम ‘सिग्नोरा गांधी’ यानी मिसेज गांधी के तौर पर दर्ज है। जांच में पाया गया कि सोनिया गांधी ने अपने करीबी अहमद पटेल के जरिए 125 करोड़ रुपये कमीशन लिया। कुल 225 करोड़ की डील हुई थी, जिसमें से बाकी रकम एयरफोर्स के अफसरों और मीडिया में बांटा गया, ताकि वो अपने मुंह बंद रखें।

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सोनिया पर चुप क्यों है मीडिया?

जिस आधार पर एसपी त्यागी और उनके साथियों को गिरफ्तार किया गया है, उसी आधार पर सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और बाकी कांग्रेसी नेताओं की गिरफ्तारी भी हो सकती है। लेकिन इस मामले में मीडिया का रवैया बेहद चौंकाने वाला है। दो दिन से यह मामला सुर्खियों में है, लेकिन कोई भी चैनल या अखबार अब यह लिखने की हिम्मत नहीं जुटा पाया कि इसी केस के फैसले में सोनिया गांधी को मास्टरमाइंड कहा गया है और उन्हें 125 करोड़ रुपये की घूस लेने का कसूरवार भी माना गया है। बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी आरोप लगाते रहे हैं कि सोनिया ने इस केस में मनमोहन सिंह पर दबाव डालकर गलत फैसले करवाए और रिश्वत की सारी रकम भी उन्होंने अपने पास ही रखी।

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