कांग्रेस के पास से ब्लैकमनी की सबसे बड़ी बरामदगी!

ब्लैकमनीबायीं तस्वीर कर्नाटक के कांग्रेसी मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की है। दायीं तरफ इंजीनियर के बेड की तस्वीर है, जिससे गड्डियां बरामद की गईं।

बेंगलुरु में पिछले दिनों कुछ सरकारी अफसरों के घरों पर मारे गए छापों में मिली ब्लैकमनी का रहस्य गहराता जा रहा है। दो इंजीनियरों पर पड़े छापों में अब तक 7 करोड़ रुपये से ज्यादा की नए नोट की गड्डियां मिल चुकी हैं। इसके अलावा करीब 170 करोड़ रुपये की काली जायदाद और 7 किलो से ज्यादा सोना भी बरामद किया गया है। देश भर में काले धन के खिलाफ हो रही छापेमारी में ये नई करंसी में अब तक की हुई सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है। सबसे खास बात है कि जिन अफसरों के पास से ये रकम बरामद हुई वो राज्य की कांग्रेसी सरकार के बेहद करीबी माने जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक ये सारे पैसे कांग्रेस पार्टी के लोगों को ही जाने थे।

राज्य सरकार की मदद से मिले पैसे?

जिन दोनों इंजीनियरों और ठेकेदार के घर से ब्लैकमनी की ये बरामदगी हुई है वो दोनों राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के बेहद करीबी माने जाते हैं। ऐसे में अगर इन दोनों के पास 7 करोड़ की नई करंसी पहुंच गई तो यह बिना किसी सरकारी मदद के संभव नहीं है। अब इनकम टैक्स विभाग जांच कर रहा है इन दोनों के पास नई करंसी में इतनी रकम कैसे पहुंची और ये किसके पास भेजी जानी थी। जिन इंजीनियरों के घरों पर छापे मारे गए हैं वो हैं- स्टेट हाइवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के चीफ प्लानिंग ऑफिसर एससी जयचंद्र और कावेरी निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर टीएन चिकरयप्पा। ये दोनों काफी पहले से राजनीतिक संपर्क में काम करने के लिए जाने जाते रहे हैं।

छापे से परेशान हैं सीएम सिद्धरमैया!

दोनों भ्रष्ट अफसरों से मुख्यमंत्री से करीबी को विपक्ष मुद्दा बना रहा है। बेलगाम में राज्य विधानसभा के सत्र के दौरान भी इस मामले की गूंज सुनाई दे रही है। विपक्षी बीजेपी ने सीधे तौर पर कहना शुरू कर दिया है कि मुख्यमंत्री ही इन दोनों आरोपियों के बिग बॉस हैं और यह रकम उनकी जानकारी में जुटाई गई थी। यह सवाल भी पूछा जा रहा है कि भ्रष्ट छवि और कई बार सस्पेंड हो चुके होने के बावजूद इन दोनों अफसरों को कैसे इतने महत्वपूर्ण पदों पर बिठाया गया था। जाहिर है इसके पीछे मुख्यमंत्री का नाम सामने आ रहा है, क्योंकि दोनों को कई सीनियर अधिकारियों को नजरअंदाज करते हुए ये ‘कमाऊ पद’ दिए गए थे। एक न्यूज चैनल से बातचीत ने छापेमारी से जुड़े एक टॉप इनकम टैक्स अधिकारी के हवाले से बताया है कि दोनों इंजीनियरों ने बताया है कि ये पैसे उनके नहीं, बल्कि ‘कुछ मंत्रियों’ के थे।

सीएम और कई मंत्री शक के दायरे में

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उनके कई करीबी मंत्रियों के नाम सामने आ रहे हैं। इसके अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक के कई बैंक अधिकारियों की भी मिलीभगत का शक है। क्योंकि इतनी मात्रा में नई करंसी बिना बैंक अफसरों की मिलीभगत के संभव ही नहीं है। सीबीडीटी ने एक बयान जारी करके कहा है कि फिलहाल अभी जांच जारी है और अभी भी करीब 10 ठिकानों पर तलाशी का काम होना बाकी है। जाहिर है ब्लैकमनी की बरामदगी का ये मामला उम्मीद से काफी बड़ा हो सकता है।

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