Loose Top

मोदी के चुटकुले पर दलाल मीडिया का डर्टी गेम!

दलाल मीडिया कैसे खबरों के नाम पर एजेंडा चलाता है इसकी एक और मिसाल देखने को मिली है। शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने यूपी के मुरादाबाद में एक रैली को संबोधित किया। इसमें मोदी ने लोगों से अपील की कि वो ज्यादा से ज्यादा कैशलेस लेन-देन करें ताकि देश में भ्रष्टाचार कम हो सके। इस अपील के बाद पीएम ने हल्के-फुल्के मूड में लोगों को बताया कि कुछ दिन पहले किसी ने मुझे व्हाट्सअप पर आया एक वीडियो दिखाया जिसमें एक भिखारी लोगों से स्वाइप कार्ड से भीख ले रहा है। पीएम ने इस घटना का जिक्र करने से पहले यह भी कहा कि आप तो जानते हैं कि व्हाट्सअप पर जो चीजें आती हैं वो पता नहीं असली होती हैं या नकली। लेकिन धीरे-धीरे छोटे-छोटे दुकानदार भी कैशलेस लेनदेन शुरू कर चुके हैं। लेकिन पत्रकारिता के नाम पर दलाली करने वाले अखबारों और वेबसाइट्स ने इस बयान को कुछ इस तरह छापा।

और अब सुनिए पीएम का वो बयान, जिसका मीडिया ने मतलब ही बदल दिया।

असली बात से ध्यान बंटाने की कोशिश

मुरादाबाद की इसी रैली में पीएम ने कहा कि जिन लोगों के जनधन एकाउंट में पैसे आए हैं वो उस पैसे को रोककर रखें और निकालें न। मैं कुछ इंतजाम कर रहा हूं कि धन्नासेठों की ये ब्लैकमनी उन्हीं की हो जाए। जो मीडिया संस्थान बिकाऊ नहीं हैं, उनके लिए पीएम मोदी के भाषण में सबसे अहम हिस्सा यही था क्योंकि इसका असर सीधे-सीधे लाखों गरीबों पर पड़ना तय है। इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी के इशारे पर इंडियन एक्सप्रेस, इकोनॉमिक टाइम्स, बीबीसी हिंदी और राजस्थान पत्रिका समेत कई मीडिया संस्थानों के दलाल पत्रकारों ने पूरे मामले को अलग ही एंगल देकर विवाद पैदा करने की कोशिश की। जबकि ऊपर दिया वीडियो लिंक सुनकर आप खुद ही समझ सकते हैं कि पीएम ने हल्के-फुल्के मूड में उस मजाकिया वीडियो का जिक्र किया था। राजनीतिक रैलियों में ऐसी बातें अक्सर कही जाती हैं। लेकिन मौके की ताड़ में बैठे मीडिया को इसी बहाने विवाद पैदा करने का मौका मिल गया।

नीचे वीडियो लिंक पर क्लिक करके आप देख सकते हैं कि पीएम मोदी ने किस फनी वीडियो का जिक्र किया था:

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:
Donate with

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...

Popular This Week

Don`t copy text!