इनकम टैक्स अफसरों के भी पर कतरेगी सरकार

ब्लैकमनी के खिलाफ अभियान में इनकम टैक्स विभाग के कर्मचारियों और अफसरों का बड़ा रोल है, लेकिन सरकार को ये एहसास है कि इनकम टैक्स विभाग खुद भी दूध का धुला नहीं है। शायद इसीलिए आयकर विभाग के कर्मचारियों के विवेकाधीन अधिकारों को खत्म करने की तैयारी है। अभी तक इनकम टैक्स के छापों में अधिकारी लोगों का शोषण करने लग जाते हैं। कई बार कोई खास संपत्ति नहीं मिलने के बावजूद लोगों को फंसा दिया जाता है और उन्हें रिश्वत देने को मजबूर कर दिया जाता है। खास तौर पर कारोबारियों को इसकी वजह से काफी परेशान होना पड़ता है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पानगढ़िया ने इस बात के संकेत दिए हैं।

खत्म होगी आयकर अधिकारियों की मनमर्जी

इनकम टैक्स विभाग की जिम्मेदारी भले ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की है, लेकिन खुद यह विभाग भी भ्रष्टाचार में डूबा हुआ माना जाता है। इसीलिए सरकार चाहती है कि आयकर विभाग को खुली छूट नहीं दी जा सकती है कि वो लोगों को बेवजह परेशान कर सके। नीति आयोग ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए टैक्स सुधार की पूरी रणनीति बनाई है। नीति आयोग ने अपनी सिफारिश में कहा है कि टैक्स अधिकारियों की वजह से भी टैक्स चोरी की आदत बढ़ती है। इसलिए सारे सिस्टम को सरल बनाने की जरूरत है, ताकि नियमों और कानूनों की पेचीदगी का फायदा उठाकर कोई लोगों को धमका या ब्लैकमेल न कर सके।

इनकम टैक्स छापेमारी का खौफ खत्म होगा

यह सिस्टम तैयार किया जा रहा है कि इनकम टैक्स की छापेमारियों की जरूरत ही न पड़े। अगर कहीं पर गड़बड़ी पाई जाती है तो उसे जांचना और पकड़ना आसान होगा। इस तरह से किसी टैक्स अधिकारी की मनमर्जी की गुंजाइश नहीं बचेगी। इनकम टैक्स विभाग का एसेसिंग ऑफिसर अक्सर जायदाद के वैल्यूएशन में गड़बड़ी करके लोगों को फंसाने की कोशिश करते हैं। इन्हीं वजहों से अक्सर भ्रष्टाचार की गुंजाइश पैदा होती है। सरकार इनकम टैक्स अधिकारियों की भी जवाबदेही तय करने पर विचार कर रही है कि अगर वो किसी बेकसूर व्यक्ति को फंसाने के दोषी पाए गए तो बदले में उन पर भी कार्रवाई हो सकती है।

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

comments

Tags: ,