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डीटीसी में केजरीवाल ने अपने 8 करोड़ सफेद किए!

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल का बड़ा घोटाला बहुत जल्द सामने आ सकता है। मामला दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के जरिए ब्लैकमनी को सफेद कराने का है। न्यूज़लूज़ पर हमने सबसे पहले आपको बताया था कि कैसे डीटीसी के जरिए आम आदमी पार्टी अपना पैसा सफेद करवा रही है। यात्रियों से टिकट के बदले मिलने वाली छोटी नोट के बदले सरकारी खजाने में 500 और 1000 के पुराने नोट जमा करवाए गए। जबकि डीटीसी ने 8 नवंबर के बाद से ही यात्रियों से 500 और 1000 के नोट लेने बंद कर दिए थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ट्रांसपोर्ट मंत्री सत्येंद्र जैन इस धांधली में शामिल थे। लेकिन न्यूज़लूज़ पर खबर आने के बाद जब इस मामले ने तूल पकड़ा तो सरकार ने लीपा-पोती शुरू कर दी।

19 नवंबर को हमने यह रिपोर्ट पब्लिश की थी, जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ा। नीचे लिंक पर क्लिक करके आप इस रिपोर्ट को पढ़ सकते हैं:

रिपोर्ट पढ़ें: डीटीसी से ब्लैकमनी सफेद करा रहे हैं केजरीवाल

शुरुआती जांच में घोटाले की पुष्टि

दिल्ली सरकार की जांच के मुताबिक यह घोटाला 9 नवंबर से 20 नवंबर तक जारी रहा। न्यूज़लूज़ की 19 नवंबर की रिपोर्ट के बाद इस पर ब्रेक लगा। इसमें बड़े सरकारी अधिकारियों का हाथ होने की बात कही गई है। लेकिन हमारी जानकारी के मुताबिक दिल्ली सरकार ने अपनी जांच में अपने मंत्री सत्येंद्र जैन को बचाने की कोशिश की है। आरोप है कि परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन ने अपने कुछ भरोसेमंद अधिकारियों की मदद से इस घोटाले को अंजाम दिया। लेकिन जब पोल खुल गई तो यह तरीका बंद कर दिया। दिल्ली सरकार की जांच में माना गया है कि शहर के करीब आधे बस डिपो इस धांधली में शामिल थे।

अब एंटी करप्शन ब्यूरो करेगा जांच

दिल्ली एसीबी को अब यही जांच करना है कि जो पैसे बदले गए वो डीटीसी के अफसरों के निजी पैसे थे या किसी और के। दिल्ली की डीटीसी बसों के कंडक्टर दिन भर की कमाई अपने ऑफिस इंचार्ज के पास जमा करते हैं। इसके बाद ये पैसे कैशियर के पास पहुंचते हैं। वो इन पैसों को डिपो में ही बनी बैंक शाखा में जमा करता है। दिल्ली और आसपास इलाकों में डीटीसी के कुल 43 डिपो हैं। सबसे ज्यादा वेस्ट ज़ोन में पैसे बदले गए हैं। अकेले यहां पर करीब 4 करोड़ रुपये की करंसी सफेद करवाई गई।

हमारे सूत्र का दावा है कि अगर एंटी-करप्शन ब्यूरो ने धांधली की ठीक से जांच की तो इसके तार आम आदमी पार्टी और ट्रांसपोर्ट मंत्री सत्येंद्र जैन तक पहुंचना तय है। हालांकि यह देखने वाली बात है कि जांच के दौरान क्या निकलता है।

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