अपनी ब्लैकमनी ऐसे खपा रहे हैं दिल्ली के पुलिसवाले!

दिल्ली में कालाधन को सफेद कराने का एक पुलिसिया अंदाज भी सामने आया है। कई बैंक अधिकारियों ने शिकायत की है कि बड़े पुलिस अफसर उन्हें धमकी देकर अपनी ब्लैकमनी जमा करने और बदले में नई करंसी देने को बोल रहे हैं। इनमें बड़े अधिकारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। गुरुवार रात से 1000 की नोट की बदली बंद होने के बाद से यह ट्रेंड और भी ज्यादा देखने को मिल रहा है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस ने बैंक अधिकारियों के हवाले से यह खबर दी है।

बड़े अफसरों से शिकायत करना बेकार

कई बैंकवालों ने बताया कि कॉन्स्टेबल, एसएचओ लेवल के अधिकारी उनके पास आकर पैसे बदलने को बोलते हैं और जब वो इसकी शिकायत डीसीपी या ऊपर के अधिकारियों से करते हैं तो वो कुछ भी मदद करने से इनकार कर देते हैं। निचले लेवल के पुलिसवालों का कहना है कि वो जो पैसा बदलने आए हैं वो बड़े अधिकारियों की ही ब्लैकमनी है। एक सरकारी बैंक के अधिकारी ने बताया कि बैंक की सिक्योरिटी में लगाए जा रहे पुलिसवाले सबसे ज्यादा परेशान करते हैं। इनकी वजह से आम कस्टमर्स को परेशानी हो रही है।

बैंक की लाइनों के बहाने कमाई भी शुरू

कुछ बैंकवालों ने बताया कि कई पुलिसवाले बाहर लोगों से रिश्वत लेकर उनके पैसे लाइन तोड़कर जमा करवाने की कोशिश करते हैं। एक बैंक कर्मचारी ने एक सब-इंस्पेक्टर के बारे में बताया, जो दिन भर अपने दोस्तों को लेकर ब्रांच के अंदर पैसे बदलवाता रहता है। विवाद से बचने के लिए बैंक कर्मचारियों को मजबूरी में ऐसा करना पड़ रहा है। जाहिर है इसके कारण बाहर लंबी-लंबी लाइनों में खडे़ आम लोगों का इंतजार और लंबा हो जाता है।

बैंक कर्मचारियों को ब्लैकमेल करते हैं!

कई बैंकवालों ने बताया है कि पुलिसवालों का बर्ताव इतना खराब रहता है कि उनसे डील करना मुश्किल हो जाता है। अक्सर वो बात न मानने पर धमकी देते हैं कि अगर हमारा काम नहीं हुआ तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में धांधली की शिकायत कर देंगे। हालांकि दिल्ली पुलिस आरोपों से इनकार कर रही है। उनका कहना है कि हमें बैंकों की तरफ से ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। आरोपों में सच्चाई है या नहीं यह तो जांच से ही पता चलेगा, लेकिन इतना तय है कि अगर ऐसा दिल्ली में हो रहा है तो दूसरे राज्यों की पुलिस भी पीछे नहीं होगी।

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

comments

Tags: , , ,