माल्या की उलटी गितनी शुरू, 8000 करोड़ वसूली

एक तरफ विपक्ष और मीडिया यह अफवाह उड़ा रहे हैं कि केंद्र सरकार विजय माल्या का कर्ज माफ कर रही है, दूसरी तरफ भारत में विजय माल्या की संपत्तियां सीज़ करने का काम जारी है। एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) अब तक विजय माल्या की 6630 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुका है। हालांकि इसकी मार्केट वैल्यू 8044 करोड़ से ज्यादा मानी जा रही है। इसमें माल्या प्रॉपर्टी और शेयर भी शामिल हैं। माल्या पर भारतीय बैंकों का कुल करीब 9000 करोड़ रुपये लेकर भागने का आरोप है। लेकिन सबसे बड़ी खबर यह है कि सीबीआई ने उसके प्रत्यर्पण की अर्जी भी कोर्ट में डाल दी है। पिछले दिनों ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे जब भारत आई थीं, तब पीएम मोदी ने उनके आगे विजय माल्या को सौंपने का मुद्दा उठाया था। खुफिया एजेंसियां लगभग तय मान रही हैं कि अगले 4-5 महीने के अंदर माल्या को पकड़ने में कामयाबी मिल जाएगी।

जल्द भारत लाया जाएगा विजय माल्या

इस साल मार्च में लंदन भागने के बाद से विजय माल्या किस कदर परेशान है, वो इसी बात से समझा जा सकता है कि वो अब तक सुलह के कई फॉर्मूले दे चुका है। सरकार किसी पर भी राजी नहीं हुई और साफ कहा गया है कि पूरी रकम से एक रुपये कम भी मंजूर नहीं है। विजय माल्या का मामला कोर्ट में चल रहा है और साथ ही साथ सरकार उसे वापस लाने की पूरी कोशिश में है। जून में उसे घोषित तौर पर भगोड़ा घोषित किया गया था। दरअसर भारत और ब्रिटेन के बीच दो दशक पुरानी एक संधि है, जिसका फायदा विजय माल्या उठा रहा है। ऐसी खबरें हैं कि भारत सरकार के अनुरोध के बाद ब्रिटेन इस संधि को खत्म करने को तैयार हो गया है।

भारत में कंगाल हो चुका है विजय माल्या

देश में विजय माल्या की लगभग पूरी ज्ञात संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इसकी नीलामी कोर्ट से मंजूरी के बाद ही हो सकती है। माल्या ने करीब 9000 करोड़ का लोन कई सरकारी बैंकों से ले रखा है। इसमें सबसे ज्यादा स्टेट बैंक का 1600 करोड़ का कर्ज है।

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ऊपर लिस्ट में आप देख सकते हैं कि एक्सिस बैंक को छोड़कर सारे सरकारी बैंक हैं, जिन्होंने मनमोहन सरकार के कार्यकाल में 2006 से 2010 तक विजय माल्या को जमकर लोन बांटा। ICICI बैंक ने भी माल्या को 403 करोड़ का कर्ज दिया था, लेकिन उन्होंने इसके बदले में यूनाइटेड ब्रुअरीज़ के शेयर गिरवी रख लिए थे और उसे बेचकर उन्होंने अपनी वसूली कर ली। लेकिन सरकारी बैंकों ने बिना कुछ गिरवी रखे असुरक्षित लोन दिया, जाहिर है बिना राजनीतिक दबाव के इतना बड़ा लोन देना संभव ही नहीं है। इसी साल मई में असम में एक चुनावी रैली के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि विजय माल्या कहीं भागकर नहीं जा सकता, सरकार उससे पाई-पाई वसूलेगी।

बताते हैं कि विजय माल्या जब भारत से गया था तो उसके साथ 7 बड़े-बड़े बैग थे। उसके फरार होने में सीधे तौर पर बैंक के अधिकारियों का हाथ माना जाता है, क्योंकि उन्होंने समय रहते एजेंसियों को उसके इरादों के बारे में अलर्ट नहीं किया। अब सरकार का इरादा है कि विजय माल्या से सारे कर्ज की वसूली सूद समेत की जाए और उसे भारत लाकर पूछा जाए कि किन लोगों की मदद से उसे इतना लोन मिला और कैसे वो देश छोड़कर भागने में कामयाब हुआ। जाहिर है ऐसा हुआ तो पिछली सरकार और कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के लिए मुश्किल पैदा हो जाएगी।

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