नोटबंदी के ये 5 बड़े फायदे थोड़े ही दिनों में दिखेंगे!

500 और 1000 के नोट बंद करने का आने वाले वक्त में सीधे तौर पर आम नौकरीपेशा, कारोबारी, किसान, मजदूर और गरीब तबकों को फायदा पहुंचने वाला है। तमाम आर्थिक विशेषज्ञ मान रहे हैं कि नरेंद्र मोदी सरकार का यह कदम भले ही अभी लोगों के लिए दिक्कत भरा है, लेकिन कुछ दिन बाद असली फायदा दिखना शुरू हो जाएगा। कुछ फायदे तो अभी से ही दिखने लगे हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर रहे डी सुब्बाराव ने एक लेख के जरिए इस फैसले के फायदे गिनाए हैं। सुब्बाराव 2008 से 2013 तक आरबीआई के गवर्नर थे। देखिए क्या हैं ये टॉप-5 फायदे।

1. महंगाई कम होगी, ब्याज का बोझ घटेगा

लंबे समय से मांग होती रही है कि इकोनॉमी में ब्याज दरें इतनी ज्यादा नहीं होनी चाहिए कि लोगों के लिए यह बोझ बन जाए। नोटबंदी से बैंकों के पास काफी रकम आई है, इसके असर से कई बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट पर चौथाई फीसदी तक ब्याज कम कर दिया है। एक तरह से देखें तो यह बुरी खबर है, लेकिन इसके असर से बैंकों को अब होमलोन समेत दूसरे तमाम कर्जों पर भी ब्याज कम करना पड़ेगा। ब्याज कम होने का दूसरा फायदा यह होता है कि इससे इकोनॉमी में निवेश बढ़ता है। कारोबारी अपने बिजनेस के विस्तार के लिए ज्यादा रकम खर्च कर पाते हैं। कुल मिलाकर आर्थिक गतिविधियां तेज़ होंगी और महंगाई में गिरावट आएगी।

2. प्रॉपर्टी की कीमतों में भारी गिरावट तय

यह बात लगभग तय मानी जा रही है कि नोटबंदी की वजह से प्रॉपर्टी के भावों और किराये में 25 से 30 फीसदी की गिरावट आने वाली है। अर्थव्यवस्था में से ब्लैकमनी हटने की वजह से प्रॉपर्टी में निवेश कम होगा। इसके बाद ज्यादातर वही लोग बाकी बचेंगे, जिन्हें वाकई घर की जरूरत है। अब तक कालेधन वाले प्रॉपर्टी में पैसा लगाना पसंद करते थे, जिससे इसके भावों में अनाप-शनाप तेजी आ गई थी। वैसे प्रॉपर्टी के दामों पर असर दिखना शुरू भी हो चुके है। दिल्ली मुंबई जैसे शहरों में कई जगह दामों में 5 से 10 फीसदी की गिरावट की खबरें आ रही हैं। सरकार ने बेनामी संपत्तियों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई के संकेत दिए हैं। ऐसे में कोई भी ब्लैकमनी वाला प्रॉपर्टी मार्केट की तरफ जाने से पहले 10 बार सोचेगा। जाहिर है फायदा उन लोगों को होगा, जिनके पास एक नंबर के पैसे हैं।

3. बुनियादी ढांचे पर सरकारी खर्च बढ़ेगा

नोटबंदी का एक असर यह दिखाई देगा कि अब पुल, सड़कें, नए अस्पताल वगैरह जैसे कामों में सरकारी खर्च बढ़ेगा। क्योंकि कालाधन बाहर आने से सरकारी खजाने में बड़ी रकम आई है। ये वो रकम थी जो अब तक कुछ लोगों की तिजोरियों में बंद थी। इसके अलावा ज्यादा टैक्स चुकाने और जुर्माने से भी सरकारी खजाने की आय बढ़ना तय है। यह भी संभावना है कि टैक्स से आमदनी बढ़ने से सरकार आम नौकरीपेशा और कारोबारी तबके पर टैक्स का बोझ कुछ कम कर दे।

4. देश की तरक्की की रफ्तार तेज़ होगी

दुनिया भर के कई जाने-माने आर्थिक विशेषज्ञों ने अनुमान जताया है कि नोटबंदी के बाद अब भारत 9 फीसदी से ज्यादा विकास दर का अपना लक्ष्य आसानी से हासिल कर लेगा। इसके मुताबिक 2018-19 तक भारत के लिए 9 फीसदी विकास दर हासिल कर लेना बहुत आसान होगा। इसके अलावा वैट लागू होने के सकारात्मक असर भी जीडीपी पर दिखाई देंगे। जब देश की विकास दर ज्यादा होती है तो नौकरियों के नए मौके पैदा होते हैं और लोगों की आमदनी में बढ़ोतरी होती है।

5. नकली नोट से पूरी तरह छुटकारा

अभी देश में प्रचलित नकली नोटों में बड़ा हिस्सा 500 और 1000 रुपये के नोट का था। हालात यह हो चुकी थी कि कई बार बैंकों और एटीएम से भी लोगों को नकली नोट थमा दिए जाते थे। खास तौर पर मजदूरों को उनके ठेकेदार अक्सर नकली नोट में भुगतान करते थे, जिसकी वजह से लोगों के लिए तरह-तरह की समस्याएं पैदा होती रहती थीं। 500 और 2000 के नए नोट में कई हाईटेक फीचर्स हैं, जिससे इनका नकली नोट बनाना बहुत मुश्किल है। पश्चिम बंगाल का मालदा जिला बीते कुछ साल से नकली नोट छापने का अड्डा बना हुआ था। नोटबंदी से यहां चल रहे नकली नोट के सारे कारोबार पर पानी फिर गया है। शायद यही वजह है कि यहां की सीएम ममता बनर्जी नोटबंदी को लेकर कुछ ज्यादा ही उग्र दिख रही हैं।

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