शहीदों के लिए बोनस में दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी

देश के जवानों का मनोबल तोड़ने की मीडिया के एक तबके की साजिश का मोदी सरकार ने करारा जवाब दिया है। सरकार ने देश के अंदर और बाहर कहीं भी लड़ाई में हादसे का शिकार या शहीद होने वाले जवानों को मिलने वाले बोनस में सीधे दोगुने से भी ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी है। कुछ दिन पहले ही बिजनेस स्टैंडर्ड नाम के अखबार के पत्रकार अजय शुक्ला ने एक भ्रामक रिपोर्ट छापी थी, जिसमें दावा किया गया था कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सरकार ने लड़ाई में घायल होने वाले सैनिकों की विकलांगता पेंशन को कम कर दिया है। 20 साल के बाद किसी सरकार ने इस मद के तहत सैनिकों के परिवारों को मिलने वाली मदद में बढ़ोतरी की है।

रक्षा मंत्रालय ने जारी किया आदेश

रक्षा मंत्रालय के सर्कुलर के मुताबिक यह देश में सैनिकों को दिए जाने वाले किसी मद में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। इसके मुताबिक:

  • ड्यूटी के दौरान किसी हादसे में मृत्यु होने पर अब परिवार वालों को 25 लाख रुपये मिलेंगे, अभी इस स्थिति में सिर्फ 10 लाख रुपये मिलते थे।
  • आतंकियों से लड़ते हुए शहीद होने वाले जवानों के परिवारों को अब 25 लाख रुपये तक अधिक मिलेंगे।
  • बॉर्डर पर होने वाली मुठभेड़ों, आतंकी हमलों या समुद्री मुठभेड़ों में शहीद होने वालों के परिवार अब 15 लाख के बजाय 35 लाख रुपये पाने के हक़दार होंगे।
  • सियाचिन और दूसरे ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात जवानों के लिए भी यही बढ़ोतरी लागू होगी।
  • यूएन के मिशन वगैरह पर विदेशों में ऑपरेशन के लिए गए जवानों के साथ अगर कोई हादसा होता है तो उनके परिवारों को अब 45 लाख की मदद दी जाएगी।

यह बदलाव सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के हिसाब से किया गया है और इसे रक्षा मंत्रालय ने मंजूरी भी दे दी है। 20 साल बाद केंद्र सरकार ने इन मदों में कोई बदलाव किया है। इससे पहले 1998 में यह बोनस बढ़ाया गया था।

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