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राहुल, केजरीवाल का शहीद रामकिशन ठग निकला!

वन रैंक, वन पेंशन को लेकर जिस रामकिशन नाम के पूर्व सैनिक की खुदकुशी पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने हंगामा खड़ा कर दिया था, वो जांच में जालसाज निकला है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की जांच में यह बात सामने आई है कि रामकिशन लोगों को उनकी पेंशन जल्दी दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठा करता था। इस महीने की शुरुआत में रामकिशन ने दिल्ली के जवाहर भवन के आगे पार्क में सल्फास की गोली खाकर खुदकुशी कर ली थी। जांच में इस बात का इशारा भी मिल रहा है कि रामकिशन ने जालसाजी के चक्करों में बुरी तरह फंस चुका था और उसके पास खुदकुशी करने के सिवा कोई रास्ता नहीं था। इस बात की भी जांच की जा रही है कि आत्महत्या के पीछे क्या किसी तरह का राजनीतिक उकसावा भी था।

कई पूर्व सैनिकों को उल्लू बना रहा था!

जांच के मुताबिक रामकिशन ग्रेवाल ने कम से कम 5 पूर्व सैनिकों को पेंशन की बकाया रकम दिलाने का झांसा दे रखा था। इनमें से पृथ्वी सिंह और जगदीश राय ने पुलिस को काफी अहम जानकारियां दी हैं। इसके मुताबिक रामकिशन को जब लगा कि वो फंस गया है तो उसने घर में ही सल्फास खाकर जान देने की सोची, लेकिन बाद में उसने सोचा कि अघर वो वन रैंक, वन पेंशन के नाम पर जान देगा तो पब्लिसिटी मिल जाएगी।

लाखों रुपये कर्ज की वजह से था तनाव

क्राइम ब्रांच के मुताबिक रामकिशन ग्रेवाल ने 1968 में सेना की नौकरी शुरू की थी, वो टेरीटोरियल आर्मी में था। टेरीटोरियल आर्मी रेगुलर आर्मी नहीं होती। बाद में उसने सेना की डीएससी की नौकरी कर ली। इस तरह वो कुल करीब 22 साल सेना से जुड़ी नौकरियों में रहा। रिटायर होने के बाद वो गांव आकर सरपंच बन गया। उसने गांव और आसपास के लोगों से लाखों रुपये कर्ज भी ले रखा था, जिसे लौटाने में ना-नुकुर कर रहा था। इसके चलते गांव में उसके कई दुश्मन भी बन गए थे।

दिल्ली में जान देने की पहले से तैयारी!

जांच में यह बात भी सामने आई है कि 1 नवंबर को रामकिशन अपने 2 साथियों के साथ ट्रेन से दिल्ली आया। यहां रक्षा मंत्रालय के पास पार्क में वो कुछ वक्त तक बैठे रहे। बाद में जब बाकी दोनों साथी किसी काम से चले गए तो रामकिशन ने सल्फास की गोलियां खा लीं। जिसके बाद राममनोहर लोहिया अस्पताल में उसकी मौत हो गई। क्राइम ब्रांच ने रामकिशन उसके साथ आए 2 लोगों और बेटे के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। रामकिशन के रिश्तेदारों ने मौत के फौरन बाद दावा कर दिया था कि आत्महत्या के पीछे असली कारण वन रैंक, वन पेंशन है। इसी बात से शक पैदा हो रहा है कि रामकिशन और उसके बेटे के बीच आत्महत्या पर शायद किसी तरह की सहमति पहले से थी।

एक करोड़ के मुआवजे पर कोर्ट की रोक

इस केस के बाद राजनीति की रोटी सेंकने के लिए दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने फौरन 1 करोड़ रुपये मुआवजे और राम किशन को शहीद का दर्जा देने का एलान कर डाला। जिस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने यह कहते हुए पाबंदी लगा दी कि आत्महत्या को इस तरह से महिमामंडित नहीं किया जा सकता। ऐसी खबर भी है कि अरविंद केजरीवाल ने रामकिशन से पहले से किसी तरह से यह डील की थी कि अगर वो आत्महत्या करेगा तो बदले में एक करोड़ रुपये दे देंगे, लेकिन कोर्ट की पाबंदी के बाद केजरीवाल का ये मंसूबा धरा रह गया। खुद रामकिशन के बेटे ने अपनी जान-पहचानवालों के बीच कहा है कि केजरीवाल के वादे की वजह से उसके साथ धोखा हुआ है। एक कर्जदार ने बताया कि राम किशन का बेटा अब कर्जदारों से कह रहा है कि अगर केजरीवाल के 1 करोड़ रुपये मिलेंगे तो वो उनके पैसे लौटा देगा।

रामकिशन ग्रेवाल को जब दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था तो वहां राजनीति करने के लिए राहुल और केजरीवाल दोनों पहुंच गए थे। लेकिन वहां राहुल गांधी की हंसते हुए और केजरीवाल की महिलाओं को अश्लील नज़रों से घूरते हुए ये तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी।
रामकिशन ग्रेवाल को जब दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था तो वहां राजनीति करने के लिए राहुल और केजरीवाल दोनों पहुंच गए थे। लेकिन वहां राहुल गांधी की हंसते हुए और केजरीवाल की महिलाओं को अश्लील नज़रों से घूरते हुए ये तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी।

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