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मायावती के घर ‘नोट वापसी’ के लिए मची भगदड़

पांच सौ और हजार के नोट पर पाबंदी से बीएसपी सुप्रीमो मायावती इतनी नाराज क्यों हैं ये बात आज खुलकर सामने आ गई। दोपहर के वक्त मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पीएम नरेंद्र मोदी को जमकर खरी-खोटी सुनाई और थोड़ी ही देर में लखनऊ में पार्टी के दफ्तर के बाहर जो कुछ शुरू हुआ हुआ वो आंखें खोलने वाला था। दिन भर करीब 100 एसयूवी गाड़ियां बीएसपी के दफ्तर पर पहुंचीं और उनमें नोट से भरे बैग और बोरियां लादे गए। माना जा रहा है कि ये वो नोट हैं, जो मायावती ने यूपी चुनाव में टिकट के बदले उम्मीदवारों से लिए थे। अनुमान के मुताबिक करंसी बैन से मायावती को 1500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

बीएसपी हेडक्वार्टर में गाड़ियां ले जाना मना है!

लखनऊ में बीएसपी के मुख्यालय के गेट तक गाड़ी ले जाना मना है, लेकिन आज मीडिया की नजरों से बचने के लिए गाड़ियों को आखिरी सीमा तक ले जाने की छूट दे दी गई थी। बहुत सारे लोगों ने नोटों को गाड़ियों में लादे जाते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं। इसी वजह से दिन भर बसपा के दफ्तर के बाहर हंगामे का सा सीन बना रहा। उधर, बहुजन समाज पार्टी के नेता दिन भर सफाई देते रहे कि इन सूटकसों में पार्टी की प्रचार सामग्री है, जबकि सच्चाई यही है कि प्रचार सामग्री अभी छपी ही नहीं है तो इसे बांटने का सवाल कहां से आ गया।

करंसी बैन के बाद से सदमे में हैं मायावती

बीएसपी के सूत्रों ने हमें बताया कि जिस दिन 500 और 1000 के नोट पर पाबंदी का एलान हुआ उसके बाद से मायावती बेहद परेशान हैं। ऐलान के फौरन बाद उन्होंने सतीश चंद्र मिश्रा और नसीमुद्दीन सिद्धिकी की बैठक बुलाई थी। इसमें इस बारे में फैसला हुआ कि जिन नेताओं से कैश लेकर टिकट दिए गए हैं, उन्हें पैसे वापस कर दिए जाएं। हालांकि उम्मीदवारों की भी मुश्किल यह है कि अब वो इस पैसे का क्या करेंगे। क्योंकि ये सारी ब्लैकमनी है और अगर वो इसे लेकर बैंक में जाएंगे तो पकड़े जाएंगे। मायावती ने चंबल के एक डाकू से भी टिकट के नाम पर पैसे लिए थे, लेकिन बाद में लौटाने से मना कर दिया था। अब शायद उसके पैसे भी मायावती को लौटाने पड़ेंगे।

पढ़ें रिपोर्ट: एक खूंखार डाकू के पैसे नहीं लौटा रहीं हैं मायावती

उधर बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने ट्विटर के जरिए मायावती के दर्द पर चुटकी भी ली है।

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