दिल्ली में मोदी की योजनाओं में केजरीवाल का अड़ंगा

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने माहौल बना रखा है कि केंद्र सरकार उनके हर काम में अड़ंगा डालती है। लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। दरअसल केजरीवाल सरकार आम जनता की भलाई की स्कीमों को दिल्ली में लागू नहीं होने दे रही है। दिल्ली के विकास की ज्यादातर केंद्रीय योजनाओं पर केजरीवाल ने अमल रुकवा रखा है। इनमें स्वच्छ भारत मिशन, अटल शहरी विकास योजना (AMRUT) और गरीबों के लिए आवास जैसी योजनाएं शामिल हैं। ये वो योजनाएं होती हैं हैं, जिन पर अमल राज्य सरकारों के जरिए ही होता है।

दो साल में एक भी टायलेट नहीं बनने दिया!

स्वच्छ भारत योजना के तहत घरों में टायलेट बनाने में मदद की योजना पूरे देश में चल रही है। इसके तहत अब तक शहरों और गांवों में लाखों टायलेट बनाए जा चुके हैं। लेकिन दिल्ली में बीते 2 साल में एक भी शौचालय नहीं बना। जबकि योजना के तहत 2019 तक दिल्ली में घरों में 1.25 लाख टायलेट बनाने का लक्ष्य रखा गया था। सार्वजनिक शौचालयों के मामले में भी रिकॉर्ड कुछ ऐसा ही है। अब तक करीब 7 हजार टायलेट बनाए गए हैं, जबकि 19,500 बन जाने चाहिए थे। ये वो लक्ष्य होते हैं जो योजना के लिए पैसा देने वाले मंत्रालय और राज्य सरकार आपस में मिलकर तय करते हैं।

शहरी योजना (AMRUT) में भी बुरा हाल

इस स्कीम के तहत देश के 500 शहरों को चुना गया है, जहां पर बुनियादी ढांचे के विकास पर बड़ा खर्च किया जाना है। साल 2015-16 के लिए दिल्ली सरकार एक्शन प्लान ही भेजना भूल गई। जब आखिरी महीने मार्च में रिमाइंडर भेजा गया तो हड़बड़ी में एक योजना तैयार करके केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेज दी गई। इस कारोबारी साल में भी दिल्ली अपना एक्शन प्लान जमा करने वाला आखिरी राज्य था। इसके लिए भी मंत्रालय को 4-4 रिमाइंडर भेजने पड़े। जो प्लान अब भेजा गया है वो भी अमान्य होगा, क्योंकि इसे मुख्यमंत्री केजरीवाल की अगुवाई वाली राज्यस्तरीय उच्चाधिकार समिति से मंजूरी दिलाना भूल गए। अब केंद्र इसे वापस दिल्ली सरकार को भेजेगा। ताकि तय प्रक्रिया का पालन किया जाए। इस बारे में मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके मंत्रियों ने चुप्पी साध रखी है कि आखिर वो आम जनता की भलाई से जुड़ी इन योजनाओं को क्यों लटका रहे हैं?

प्रधानमंत्री आवास योजना पर भी लगा ब्रेक

दिल्ली में बेघर लोगों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनने थे। पूरे देश में इस स्कीम पर अमल का काम चल रहा है, लेकिन दिल्ली सरकार ने अभी तक एक भी प्रस्ताव बनाकर नहीं भेजा। देश भर की तमाम राज्य सरकारें इस स्कीम के तहत गरीबों के लिए मकान बनवा रही हैं, लेकिन दिल्ली सरकार ने इसके लिए कोई प्रस्ताव तक बनाकर नहीं भेजा। माना जा रहा है कि केजरीवाल सरकार इन योजनाओं को लेकर इसलिए उदासीन है क्योंकि इनके अमल से उन्हें लगता है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को क्रेडिट जाएगा।

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