बरखा दत्त जहां-जहां गईं, भारतीय जवानों की जानें गईं!

बरखा दत्त के एक ट्वीट से इस शक को एक बार फिर हवा मिल गई है कि वो भारतीय सैनिक ठिकानों के बारे में पाकिस्तानी एजेंसियों को खबर दे रही हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने यह शक जताया है कि बरखा दत्त ने रिपोर्टिंग के बहाने जिन-जिन जगहों का दौरा किया, वहां-वहां पाकिस्तानी सेना ने बिल्कुल सटीक निशाने के साथ हमले किए हैं। अपने ट्वीट में बरखा ने लिखा है कि “जिस गांव के दौरे पर वो गई थीं वहां पर पाकिस्तान की गोलीबारी में एक बीएसएफ जवान की मौत हो गई है।” इससे पहले यह बात साबित हो चुकी है कि पिछले दिनों पंपोर में हमला करने वाले आतंकवादी ठीक उसी रास्ते से आए थे जिस रास्ते के बारे में बरखा दत्त ने अपनी रिपोर्ट में पूरी जानकारी दी थी। उस घटना के बाद ही इंटरनेशनल बॉर्डर और एलओसी के संवेदनशील इलाकों में मीडिया को जाने से रोकने का फैसला हुआ है। हमने न्यूज़लूज़ पर उस बारे में रिपोर्ट भी पब्लिश की थी।

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बरखा दत्त पर जासूसी के आरोप!

कई लोग यह शक जता चुके हैं कि बरखा दत्त बेहद चालाकी के साथ भारतीय सैनिक ठिकानों से जुड़ी खबरें पाकिस्तानी सेना तक पहुंचा रही हैं। अब तक बॉर्डर के जिन इलाकों की तस्वीरें उन्होंने दिखाईं वहां उतनी देर तक कोई हमला नहीं हुआ जितनी देर तक बरखा वहां मौजूद होतीं, लेकिन उनके जाने के 3-4 दिन बाद ही सटीक निशाने के साथ पाकिस्तानी गोलाबारी शुरू हो जाती है। हालांकि इस बारे में कोई पक्का सबूत नहीं है कि ये हमले बरखा दत्त की वजह से ही हो रहे हैं। फिलहाल देखिए बरखा का वो ट्वीट और उस पर कैसे लोगों ने सवाल खड़े किए।

मशहूर डेटा साइंटिस्ट गौरव प्रधान काफी वक्त से आरोप लगाते रहे हैं कि बरखा दत्त अपनी जीपीएस लोकेशन के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को भारतीय चौकियों की लोकेशन देती रहती हैं। ये काम वो काफी वक्त से कर रही हैं।

कौन है बरखा दत्त का मददगार?

यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर बरखा इन संवेदनशील इलाकों तक अपनी कैमरा टीम के साथ कैसे पहुंच गई थीं? क्योंकि किसी और चैनल या अखबार को इन इलाकों तक जाने की इजाज़त नहीं दी गई। आम तौर पर इन फॉरवर्ड इलाकों में जाना सेना की इजाज़त के बिना संभव ही नहीं है। यह शक जताया जा रहा है कि भारतीय सेना में कोई न कोई है जो बरखा दत्त को आसानी से हर जगह पहुंचने में मदद करता है। इससे पहले बरखा दत्त पर करगिल में भारतीय सैनिकों और चौकियों की निशानदेही का आरोप भी लग चुका है। पिछले दिनों करगिल में रिपोर्टिंग कर चुके सीनियर पत्रकार जीतेंद्र तिवारी ने फेसबुक पोस्ट में यह खुलासा किया था कि बरखा दत्त की वजह से भारत की कई चौकियां तब तबाह हुई थीं और विक्रम बत्रा समेत कई फौजी अफसरों की जान भारत को गंवानी पड़ी थी। इस बारे में हमारी तब की रिपोर्ट को आप नीचे के लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

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