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4 बीवियों, 22 बच्चों के साथ जर्मनी पहुंचा शरणार्थी!

सीरिया युद्ध से भाग कर आए मुसलमानों को अपने यहां शरण देने की जर्मनी की पॉलिसी अब उसे महंगी पड़ रही है। एक सीरियाई मुस्लिम परिवार की कहानी जब वहां की मीडिया में छपी तो भारी विवाद उठ खड़ा हुआ। गजिया नाम का एक ऐसा सीरियाई शरणार्थी है, जिसके साथ उसकी चार बीवियां और 22 बच्चे भी हैं। जबकि सऊदी अरब में ब्याही एक बेटी भी भागकर जर्मनी आ गई है, क्योंकि उसे लगता है कि सऊदी अरब से अच्छी जिंदगी यहां पर मिलेगी। इस परिवार को नियमों के मुताबिक हर साल भारतीय रुपये के हिसाब से 2 करोड़ 60 लाख से ज्यादा मिलेंगे। ये वो पैसे होते हैं जो शरणार्थियों को जीवनयापन के लिए मिलते हैं। सीरिया में परिवार के सारे सदस्य भी काम करते तो भी इतने पैसे नहीं कमा पाते।

जर्मनी के आगे कानूनी संकट खड़ा हुआ!

जर्मन सरकार एक से ज्यादा शादी को गैरकानूनी मानती है। ऐसे में अधिकारी सिर्फ एक पत्नी और उसके बच्चों को ही सहायता रकम देने को तैयार है। बाकी बीवियों और बच्चों को गजिया के ‘दोस्त’ की कैटेगरी में डालकर रकम दी जा रही है। लेकिन ऐसा होने पर सभी सदस्यों को मिलने वाली रकम का जोड़ बहुत ज्यादा हो जा रहा है। फिलहाल गजिया अपनी सबसे नई बीवी तौसीफ और उसके 5 बच्चों के साथ मोंटाबॉर के माइग्रेंट्स होम में रह रहा है। जबकि बाकी तीन बीवियां अपने बच्चों के साथ दूसरी जगह पर रह रही हैं। गजिया सीरिया में कार मैकेनिक का काम किया करता था। वो बहुत खुश है क्योंकि जर्मनी में उसे बिना काम किए भरपूर पैसे मिल रहे हैं।

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शरणार्थियों से आसपास रहने वाले परेशान

जर्मन मीडिया के मुताबिक शरणार्थियों की वजह से लोकल लोग बेहद परेशान हैं। गजिया के पड़ोस में रहने वाले एक शख्स ने फेसबुक पर लिखा है कि कैसे 4 बीवियों और 22 औलाद वाले इस परिवार के बच्चे दिन भर रास्तों पर फुटबॉल खेलते रहते हैं और उनकी दीवारों पर पेशाब करते हैं। लोगों का गुस्सा इस वजह से भी है इस और इसके जैसे ना जाने कितने परिवारों की ये मौज जर्मनी के आम करदाताओं के पैसे के दम पर है। यहां के लोग इस बात से भी काफी परेशान हैं कि शरणार्थी बनकर आए ये लोग एक्स्ट्रा कमाई के लिए जल्द ही लूटमार भी शुरू कर सकते हैं।

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