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झारखंड में अफसरशाही में ईसाई मिशनरियों के एजेंट!

बायीं तस्वीर वंदना डाडेल के फेसबुक प्रोफाइल से ली गई है। दूसरी तस्वीर झारखंड के ही एक गांव की है, जहां आदिवासी और हिंदू प्रतीकों को ईसाई पहचान से मिलाकर आदिवासियों के धर्मांतरण का खेल चल रहा है। इस तस्वीर में क्रॉस को ओम की तरह बनाया गया है, ताकि आदिवासी धोखे को समझ न पाएं।

झारखंड में ईसाई मिशनरियों के खेल में बड़े सरकारी अफसरों के शामिल होने का आरोप लग रहा है। इस कड़ी में राज्य की पंचायती राज सचिव वंदना डाडेल का नाम सामने आया है। वंदना डाडेल 1996 बैच की आईएएस अफसर हैं। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पिछले दिनों एक कार्यक्रम में आदिवासियों के धर्मांतरण के मुद्दे पर विरोध जताया था। इसके बाद वंदना डालेल ने 20 अक्टूबर को एक फेसबुक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने ईसाई मिशनरियों का पक्ष रखा है। वंदना डाडेल ने लिखा है कि- “क्या इस राज्य में आदिवासी को स्वेच्छा से, सम्मान से अपना धर्म चुनने का भी अब अधिकार नहीं रह गया है? आखिर क्यों अचानक आदिवासियों के धर्म परिवर्तन पर औरों को चिंता होने लगी है, जबकि अशिक्षा, बेरोजगारी और कुपोषण जैसी कितनी ही गंभीर समस्याओं से समाज जूझ रहा है।” ये वही दलील है जो ईसाई मिशनरियां देती रही हैं। क्योंकि एक सरकारी अफसर के तौर पर गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी और कुपोषण के मुद्दे उनके दायरे में आते हैं। लेकिन वो अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर ईसाई मिशनरीज़ की वकालत कर रही हैं। वंदना डाडेल इकलौती नहीं हैं, उनसे पहले कई और सरकारी अफसरों पर ईसाई मिशनरियों के लिए काम करने के आरोप लग चुके हैं।

अफसरों की मदद से धर्म परिवर्तन का खेल!

झारखंड में हर साल करोड़ों रुपये आदिवासियों के कल्याण के नाम पर आते हैं। ऐसा आरोप है कि ये पैसे नक्सलियों के जरिए ईसाई मिशनरियों तक पहुंचा दिए जाते हैं। जिसका इस्तेमाल उनके धर्मांतरण पर किया जाता है। यह खेल बीते कई साल से बेरोकटोक चलता रहा है। ईसाई मिशनरियां आदिवासियों को उनकी परंपराओं और उनके ईस्ट देवताओं से भी दूर करके उनकी मूल पहचान को बदल रही हैं। जबकि कानून के तहत ऐसा करना सही नहीं है। वंदना डाडेल खुद भी ईसाई हैं। यह बात उन्होंने अपनी किताब And God Came into Our Married Life में बड़े गर्व के साथ मानी है। इस किताब के इस पेज में उन्होंने खुद को धर्म के मामले में कट्टर तक बता डाला है। ये सवाल उठता है कि क्या उन्होंने ईसाई होने के बावजूद आरक्षण का फायदा उठाया?

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वंदना डाडेल के व्यक्तित्व के कई पहलू हैं। सरकार की सीनियर अधिकारी होने के बावजूद उन्होंने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में अफजल गुरु को फांसी पर भी अपना विरोध जताया है।

धर्मांतरण बंद होने से परेशान ईसाई संगठन

झारखंड में छोटा नागपुर टेनेंसी एक्ट और संथाल परगना टेनेंसी एक्ट में बदलाव की बात हो रही है। जिससे भड़के ईसाई संगठन राज्य में नक्सलियों की मदद से हिंसा और विरोध-प्रदर्शनों को बढ़ावा दे रहे हैं। ये कानून आदिवासियों और मूल निवासियों की पहचान और उनके हितों की रक्षा के लिए बने हैं, लेकिन इन कानूनों की कमियों का फायदा उठाकर ईसाई मिशनरियां आदिवासियों का धर्मांतरण कराती रही हैं। जाहिर है वो सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ आदिवासियों को भड़काने और भ्रम फैलाने में जुट गए हैं। इन कोशिशों के बीच मुख्यमंत्री ने बयान दिया कि कोई भी जो धर्म परिवर्तन कराने में शामिल है, उसे दंडित किया जाएगा। उधर विपक्षी कांग्रेस पार्टी भी इस खेल में खुलकर ईसाई मिशनरियों का साथ दे रही है।

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