‘आप’ की प्रीति के साथ दंगे भड़का रहा था ये चिड़ीमार!

आपको शायद वो खबर याद होगी जिसमें बताया गया था कि कैसे मुंबई में एक फिल्मकार को कुछ ऑटोवालों ने मिलकर इसलिए पीट दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि उसका बैग गाय के चमड़े का बना है। बरुण कश्यप नाम के इस फिल्मकार ने इस कथित घटना के बारे में फेसबुक पर एक पोस्ट लिखी थी, जिसे देशभर के सेकुलर लोगों ने खूब शेयर किया। यह साबित करने की कोशिश हुई कि गोरक्षक आम लोगों को निशाना बना रहे हैं और हिंदू लोग कितने असभ्य और बर्बर होते हैं। मीडिया ने भी इस खबर को जमकर दिखाया। जब पुलिस ने जांच की तो सारी पोल खुल गई। बरुण कश्यप ने जिस जगह पर अपने साथ यह घटना का जिक्र किया था वहां पर लगे सीसीटीवी कैमरों में वैसा कुछ नहीं दिखा जैसा दावा यह आदमी कर रहा था।

हिंदुओं से नफरत है, दंगे भड़काना चाहता था!

मुंबई मिरर अखबार ने बरुन कश्यप से पुलिस के आगे दिए बयान के हवाले से बड़ा खुलासा किया है। इसमें उसने कहा है कि ‘मैं हिंदुओं से नफरत करता हूं और खुद पर हमले की कहानी मैंने इसलिए रची ताकि मुंबई में दंगे भड़क जाएं।’ बरुन कश्यप ने माना है कि गोरक्षकों के हमले की कोई घटना नहीं हुई थी और यह उसके दिमाग की उपज थी। फेसबुक पर पोस्ट वायरल होने के बाद दोस्तों के दबाव में बरुन कश्यप ने 19 अगस्त को डीएन नगर थाने में जाकर इस हमले की शिकायत दर्ज कराई थी। एफआईआर में उसने लिखा था कि ‘अंधेरी में इन्फिनिटी मॉल के सामने ऑटोवाले ने उसे पीटा। उस वक्त वो अपने दफ्तर जा रहा था।’ बरुन कश्यप ने जिस जगह पर अपने साथ यह घटना बताई थी उस जगह पर मॉल का सीसीटीवी कैमरा फोकस था। इसके वीडियो में वो ऑटो से उतरता भी दिखाई दिया, लेकिन किसी तरह की कहासुनी का कोई निशान नहीं दिखा। यहां तक कि आसपास के चश्मदीदों ने भी बताया कि मारपीट तो दूर कोई कहासुनी या मामूली झगड़ा भी वहां पर नहीं हुआ।

दंगे की साज़िश के पीछे आम आदमी पार्टी

पोल खुलने के बाद बरुण कश्यप गायब हो गया। पुलिस कई दिनों तक उसे तलाश करती रही। इस बीच 4 अक्टूबर को उसे मुंबई में आम आदमी पार्टी की नेता प्रीति शर्मा मेनन के घर से कार में बैठकर भागने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया गया। केस दर्ज होने के बाद से वो प्रीति मेनन के ही चेंबूर के घर में छिपा हुआ था। सवाल यह है कि आम आदमी पार्टी की नेता ने सब कुछ जानते हुए उसे अपने घर में क्यों छिपाया? और तो और उसके लिए वकील वगैरह का भी इंतजाम किया। इससे शक पैदा होता है कि इस साजिश में बरुन कश्यप अकेला नहीं था। फिलहाल जल्द ही इस केस की चार्जशीट दाखिल होने की उम्मीद है। फिलहाल बरुन कश्यप आर्थर रोड जेल में बंद है। उस पर जो धाराएं लगी हैं उससे उसे 5 साल तक की जेल हो सकती है। लेकिन सबसे अहम अब आम आदमी पार्टी और मुंबई में उसकी सबसे बड़ी नेता हो गई है। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर अरविंद केजरीवाल की पार्टी आखिर मुंबई में सांप्रदायिक दंगे क्यों भड़काना चाहती है और वो इसके लिए ऐसे हथकंडे क्यों इस्तेमाल कर रही है? मुंबई पुलिस जल्द ही प्रीति शर्मा मेमन का बयान भी दर्ज कराने वाली है। हो सकता है इन सवालों के जवाब भी जल्द ही मिल जाएं।

चैनलों और अखबारों में यह खबर गायब है!

चूंकि मामला एक फिल्मकार का है और सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी इसमें शामिल दिख रही है, लिहाजा दिल्ली की मीडिया ने इस खबर को सेंसर कर रखा है। न तो किसी चैनल और न ही किसी अखबार में इस पर कुछ छप रहा है। हमारी जानकारी के मुताबिक आम आदमी पार्टी ने विज्ञापनों की धौंस देकर इस खबर को दबवाया है। वो पत्रकार भी चुप्पी साधे हुए हैं, जिन्होंने इस झूठी खबर को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया था।

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