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Exclusive: पाकिस्तानी चंदा ऐसे छिपाती है आप!

आम आदमी पार्टी पर अक्सर यह आरोप लगता है कि उसे पाकिस्तान से करोड़ों रुपये चंदे के तौर पर मिल रहे हैं। लेकिन जब पार्टी के किसी नेता से इस बारे में बात की जाती है तो वो साफ मुकर जाता है। AAP की डोनेशन वेबसाइट देखें तो आपको पता चलेगा कि जिन देशों से केजरीवाल की पार्टी के पास पैसे आ रहे हैं उनमें पाकिस्तान का नाम कहीं भी नहीं है। हमने चंदे के इस गोरखधंधे की पड़ताल की और जो जानकारियां सामने आईं वो वाकई चौंकाने वाली हैं। दरअसल आम आदमी पार्टी को पाकिस्तान से मोटी रकम लगातार मिल रही है, लेकिन किसी को पता न चल पाए इसके लिए एक जुगाड़ किया गया है।

चंदे की वेबसाइट में पाकिस्तान का नाम ही नहीं

आम आदमी पार्टी की वेबसाइट दुनिया भर में फैले भारतीयों से अपील करती है कि वो ईमानदार पार्टी हैं, इसलिए उन्हें चंदा दें। इसके लिए पार्टी की वेबसाइट पर ही सीधे कोई भी रकम चंदे के तौर पर दी जा सकती है। चंदा देने से पहले आपको बताना होता है कि आप किस देश में रह रहे हैं। जब आप इसके ड्रॉपडाउन पर क्लिक करेंगे तो आपको पता चलेगा कि इसमें पाकिस्तान का नाम ही नहीं है। हमने आप के एक पदाधिकारी से इस बारे में पूछा तो उनका कहना था कि चूंकि पाकिस्तान उन देशों में से है जहां एक भी अनिवासी भारतीय यानी एनआरआई नहीं रहता, लिहाजा उसका नाम लिस्ट में नहीं रखा गया है। लेकिन पाकिस्तान के अलावा नॉर्थ कोरिया और भूटान में भी एक भी एनआरआई नहीं रहता। लेकिन इन दोनों ही देशों के नाम इस लिस्ट में मिल जाएंगे।

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पाकिस्तान का नाम छिपाने का क्या है मकसद?

जब पाकिस्तान में बैठा कोई व्यक्ति अरविंद केजरीवाल की ‘ईमानदारी’ से प्रभावित होकर उन्हें चंदा देना चाहता है तो उसे लिस्ट में अपने देश का नाम नहीं मिलता। जाहिर है वो किसी दूसरे देश का नाम सेलेक्ट करके आराम से चंदा दे सकता है। आम तौर पर ऐसी पाकिस्तानी फंडिंग खाड़ी के देशों के नाम पर होती है। अगर कुछ छिपाने की नीयत नहीं होती तो पार्टी पाकिस्तान का नाम रहने दे सकती थी। ताकि लोगों को सही-सही पता चल पाता कि भारत में ‘ईमानदार सरकार’ बनवाने के लिए पाकिस्तान के लोग कितनी ‘मदद’ कर रहे हैं।

मोदी और भारत विरोधी बयानों से बढ़ता है चंदा!

पार्टी के डोनेशन का काम देख रहे एक नेता ने इस बात की पुष्टि की है कि केजरीवाल जब-जब पीएम मोदी का नाम लेकर कोई बड़ा हमला बोलते हैं चंदे की रकम बढ़ जाती है। अगर विदेशी चंदे को देखें तो बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों का होता है। आरोप है कि ये पैसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और दाऊद इब्राहिम भेजते हैं। चंदे की रकम छोटी-छोटी होती है, जिससे हर ट्रांजैक्शन का सही-सही पता लगाना लगभग नामुमकिन होता है। पिछले दिनों अरविंद केजरीवाल ने जब ट्वीट किया कि पाकिस्तान नहीं, बल्कि भारत दुनिया में अलग-थलग हुआ है, उस दिन लोगों ने आम आदमी पार्टी का खजाना चंदे से भर दिया था। इसी तरह जब-जब वो सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर विवाद खड़े करते रहे सरहद पार से पार्टी की फंडिंग तेज़ होती रही। आप के सूत्रों ने इस बात को सही माना है। हालांकि हम इस बारे में दस्तावेजी तथ्य पेश नहीं कर सकते, क्योंकि जुलाई के बाद से डोनेशन के ट्रेंड्स की वेबसाइट बंद पड़ी है।

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ये आम आदमी पार्टी की डोनेशन वेबसाइट की कुछ महीने पुरानी तस्वीर है। इसमें ओमान और कतर जैसे देशों का तो नाम है, लेकिन पाकिस्तान का नहीं। आरोप है कि इन देशों के नाम पर आ रहा पैसा दरअसल पाकिस्तान का है।

अगले साल कराची जाने वाले हैं केजरीवाल

पाकिस्तान में अपनी लोकप्रियता और लगातार मिल रहे चंदे की वजह से ही केजरीवाल खुलकर उसकी वकालत करते रहे हैं। इसी साल मई में उनके पास कराची लिटरेचर फेस्टिवल का न्यौता आया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। यह फेस्टिवल अगले साल फरवरी में होना है। पाकिस्तान ने इसी फेस्टिवल के लिए अनुपम खेर को वीजा नहीं दिया था। इसी तरह एक्ट्रेस नंदिता दास ने भी कुछ बहाना बनाकर जाने से मना कर दिया था। हमारे सूत्रों के मुताबिक केजरीवाल के लिए यह यात्रा काफी अहम होगी क्योंकि इस मौके पर उनकी पाकिस्तान के कई बड़े लोगों से मुलाकात भी होनी है ताकि चंदे के बारे में बातचीत कर सकें।

न्यूज़लूज़ पर हमने कुछ दिन पहले ही खुलासा कर दिया था कि केजरीवाल पाकिस्तानी चंदे के चक्कर में भारत विरोधी बयानबाजी कर रहे हैं।

पढ़िए यह रिपोर्ट: जानिए क्यों पाकिस्तान की बोली बोल रहे हैं केजरीवाल

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