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इन ‘गद्दारों’ को सज़ा देना अब जनता की जिम्मेदारी है!

पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में घुसकर भारतीय कमांडोज ने आतंकवादियों के अड्डे तबाह कर दिए। फौज ने उरी और पठानकोट का बदला तो ले लिया, लेकिन इस पूरे वाकये के दौरान दो मुख्यमंत्रियों ने ऐसे बयान दिए जिससे पाकिस्तान को मदद मिली। इन बयानों से आम जनता और देश की सेना के मनोबल पर बुरा असर पड़ा। ये दोनों मुख्यमंत्री हैं त्रिपुरा की सीपीएम सरकार के मुख्यमंत्री माणिक सरकार और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल।

केजरीवाल ने कहा पाकिस्तान नहीं, भारत अलग-थलग हुआ

ऐसे वक्त में जब भारत सरकार पूरी दुनिया में पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए अभियान चला रही है। पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र में पड़ोसी देशों के बीच पाकिस्तान पराया हो चुका हो। यहां तक कि अफगानिस्तान और बांग्लादेश जैसे इस्लामी देश पाकिस्तान पर आरोप लगा रहे हैं कि वो उनके मामलों में दखलंदाजी कर रहा है, ऐसे वक्त में केजरीवाल ने एक ऐसा ट्वीट किया जिस पर उन्हें सबसे ज्यादा रीट्वीट्स पाकिस्तान से मिले। पाकिस्तान के कई नेताओं और पत्रकारों ने इस स्टैंड के लिए उन्हें शुक्रिया तक बोला। इस ट्वीट में केजरीवाल ने ट्रिब्यून अखबार की एक खबर को शेयर करते हुए कहा कि पाकिस्तान नहीं, बल्कि भारत दुनिया में अलग-थलग पड़ चुका है और पाकिस्तान में सब ठीक चल रहा है। क्या भारत के संविधान की शपथ लेने वाला कोई मुख्यमंत्री इस तरह से दुश्मन देश के साथ खड़ा हो सकता है।

माणिक सरकार ने कहा- भारत दादागीरी कर रहा है!

जब पूरा देश उरी में पाकिस्तानी हमले से तिलमिलाया हुआ था, उस वक्त चीन परस्त मानी जाने वाली सीपीएम के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने बयान दिया कि भारत इस क्षेत्र में दादागीरी कर रहा है। यह बयान भी पाकिस्तान की मीडिया ने खूब उछाला। पाकिस्तानी मीडिया ने इस बयान को इस बात के सबूत के तौर पर दिखाया कि भारत के अपने राज्य ही केंद्र सरकार से बगावत कर रहे हैं। सीएम माणिक सरकार के बयान के बाद उनकी पार्टी की प्रदेश शाखा ने बाकायदा बयान जारी करके कहा कि “साउथ चाइना समुद्र में भारत की मौजूदगी और अफगानिस्तान में इसके जमावड़े से साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका और अन्य साम्राज्यवादियों के सहयोगी के तौर पर काम कर रहे हैं।” पार्टी ने अपने बयान में चीन के रुख का खुलकर समर्थन किया और कहा कि भारत इस क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बन रहा है।

केजरीवाल और माणिक सरकार के बयान इस बात की निशानी हैं कि ये दोनों मुख्यमंत्री कितने खतरनाक एजेंडे पर चल रहे हैं। यह जांच का विषय है कि दोनों नेता सिर्फ नरेंद्र मोदी से राजनीतिक विरोध के चलते ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं या फिर इनके रुख के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है। केजरीवाल और माणिक सरकार दोनों पर ही पाकिस्तान और चीन से मदद के आरोप लगते रहे हैं।

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