कांग्रेस बताएगी कि पाकिस्तान से इतनी नरमी क्यों थी?

नरेंद्र मोदी सरकार की पाकिस्तान नीति की आलोचना कर रही कांग्रेस पार्टी खुद ही सवालों के घेरे में है। सवाल यह कि आखिर उसकी पिछली सरकारों ने पाकिस्तान को ऐसी रियायतें क्यों दे रखी हैं, जिनकी वजह से वो आज भारत को आंख दिखा रहा है। सिंधु नदी जल समझौते के तहत प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने पाकिस्तान को 80 फीसदी पानी देने पर दस्तखत कर दिया। यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर नेहरू के आगे ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्होंने अपने देश के लोगों का हक छीनकर पड़ोसी को ज्यादा पानी देने पर मुहर लगाई। सोशल मीडिया पर ये सवाल कई लोग पूछ रहे हैं। जाहिर है पाक को सबक सिखाने की मांग के बीच यह मुद्दा भी सिर उठा रहा है।

पाक को कारोबार में प्राथमिकता क्यों?

पाकिस्तान को कारोबार में मोस्ट फेवर्ड नेशन यानी सबसे पसंदीदा देश का दर्जा 1996 में कांग्रेस की सरकार के वक्त ही दिया गया था। उस वक्त नरसिंह राव प्रधानमंत्री थे। हालांकि भारत ने यह दर्जा वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) के नियमों के तहत दिया था। भारत ने तो पाकिस्तान को यह दर्जा दे दिया, लेकिन बदले में पाकिस्तान ने भारत को कभी मोस्ट फेवर्ड नेशन घोषित नहीं किया। 2015-16 में भारत और पाक के बीच कुल 2.6 अरब डॉलर का कारोबार हुआ था। जिसमें से 2.2 अरब डॉलर का सामान भारत से एक्सपोर्ट हुआ। यानी मोस्ट फेवर्ड नेशन होने के बावजूद भारत का पलड़ा कई गुना भारी था। भारत ने 2015-16 में दुनिया भर के देशों में 643.3 अरब डॉलर का सामान एक्सपोर्ट करता है। इस लिहाज से पाकिस्तान को किया गया एक्सपोर्ट कुल एक्सपोर्ट का मात्र 0.4% है। लेकिन अगर भारत 40 करोड़ डॉलर का सामान लेना बंद कर दे तो पाकिस्तान के सूखे मेवे और मसालों के कारोबारी बर्बाद हो जाएंगे।

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

comments

Tags: , ,