केजरीवाल के लिए हवाला कर रहे हैं सत्येंद्र जैन?

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री और केजरीवाल के बेहद करीबी सत्येंद्र जैन का नाम हवाला कारोबार में सामने आया है। सत्येंद्र जैन फिलहाल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच के दायरे में हैं। उन पर करीब 17 करोड़ रुपये के हवाला कारोबार में शामिल होने का आरोप है। मामला सामने आने के बाद आयकर विभाग ने पूछताछ के लिए मंत्री जी को समन भेजा है। अगर आरोप सही है तो यह जांच भी होगी कि लेन-देन किसके लिए की गई। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि कहीं सत्येंद्र जैन ने यह कथित लेन-देन आम आदमी पार्टी के लिए ही तो नहीं की?

हवाला कारोबार का बेहद शातिर धंधा!

कोलकाता में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हाल ही जीवेंद्र मिश्रा नाम के एक हवाला ऑपरेटर को पकड़ा था। जब उससे पूछताछ की गई तो पता चला कि उसने सत्येंद्र जैन की चार कंपनियों के साथ करीब 17 करोड़ रुपये की लेन-देन की थी। सत्येंद्र जैन ने इस काम के लिए चार कंपनियां बना रखी हैं- जिनके नाम हैं- इंडो मेटल इंपैक्स, अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, प्रयास इन्फो सॉल्यूशंस और मंगलायतन प्रोजेक्ट्स। इन कंपनियों ने अवैध तरीके से हवाला कारोबारी को 17 करोड़ रुपये दिए और बले में उनसे चेक में पैसे लिए। मतलब यह कि करीब 17 करोड़ रुपये की ब्लैकमनी को हवाला के जरिए सफेद कर दिया गया। आयकर विभाग ने कोलकाता के हवाला कारोबारी जीवेंद्र मिश्रा का बयान भी दर्ज किया है। मिश्रा ने इसमें सत्येंद्र जैन के साथ अपनी गैरकानूनी लेन-देन की बात भी कबूली है। इसके अलावा पिछले पांच साल के इनकम टैक्स रिटर्न में धांधली की बात भी सामने आई है। फिलहाल आयकर विभाग ने सत्येंद्र जैन से 4 अक्टूबर को पेश होने को कहा है।

किस काम के लिए जुटाई गई रकम?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सत्येंद्र जैन ने इस रकम से दिल्ली की कुछ अनअॉथराइज्ड कॉलोनियों के पास जमीन खरीदी है। इसके अाधार पर यह शक पैदा हो रहा है कि सत्येंद्र जैन दिल्ली में अवैध कॉलोनियों को रेगुलर करने के फैसलों का आर्थिक लाभ पाना चाहते थे। क्योंकि उन्हें इन फैसलों की जानकारी पहले से होती है। इस लिहाज से यह सिर्फ आम भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि पद के दुरुपयोग का मामला भी बनता है।  सत्येंद्र जैन केजरीवाल सरकार के चौथे मंत्री हैं जिन पर भ्रष्टाचार से जुड़ा कोई गंभीर आरोप लगा है। दिल्ली बीजेपी के नेता हरीश खुराना के मुताबिक ये 17 करोड़ रुपये दरअसल विदेश भेजे गए हैं।

उधर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हमेशा की तरह खुद ही जांच करके सत्येंद्र जैन को क्लीनचिट दे दी है। आम तौर पर ऐसे मामलों में वो बाद में मुकर जाते हैं और कहते हैं कि उसने मुझे अंधेरे में रखा। अब सवाल है कि इस केस में भी क्या उन्हें वही बात दोहरानी पड़ेगी?

पहले भी लग चुके हैं हवाला के आरोप

आम आदमी पार्टी पर हवाला कारोबार के जरिए ब्लैक मनी को सफेद करने के आरोप पुराने हैं। पार्टी को मिलने वाले चंदे पर भी यह आरोप अक्सर लगता रहता है। क्योंकि ज्यादातर चंदा ऐसे जरियों से आता है जो बेहद संदिग्ध माने जा सकते हैं। दिल्ली चुनाव के वक्त पार्टी के एकाउंट में रातों-रात 2 करोड़ रुपये आए थे। तब भी यह बात कही गई थी कि ये पैसा हवाला के जरिए आया है। तब विपक्षी बीजेपी ने ही नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी में केजरीवाल के सहयोगी रहे प्रशांत भूषण ने इस चंदे को लेकर शक जताया था। खुद केजरीवाल के पुराने सहयोगी कहते रहे हैं कि वो चंदे और ब्लैक एंड व्हाइट के धंधे में इतने पारंगत हैं कि उन्हें पकड़ना आसान नहीं है। यह पहली बार है जब इस आरोप में केजरीवाल के किसी करीबी पर शिकंजा कसा है।

मोहल्ला क्लीनिक ‘घोटाले’ में पहले से नाम!

सत्येंद्र जैन का नाम दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिकों में हुए कथित घोटाले में पहले से है। ज्यादातर मोहल्ला क्लीनिक आम आदमी पार्टी के ही नेताओं और कार्यकर्ताओं के मकान या दुकान में किराये पर चल रहे हैं। इन क्लीनिकों के लिए बाजार रेट से चार गुना किराया दिया जा रहा है। ये क्लीनिक सिर्फ 4 घंटे के लिए खुलते हैं। लेकिन किराया पूरे 24 घंटे का दिया जा रहा है। विपक्ष आरोप लगाता रहा है कि इस जरिए से केजरीवाल और सत्येंद्र जैन ने करीब 400 करोड़ की हेराफेरी की है। इतना ही नहीं सत्येंद्र जैन ने अपनी बेटी को मोहल्ला क्लीनिकों की सलाहकार बना दिया था। लेकिन मीडिया में खबर लीक होने की वजह से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

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