वो ही लड़ाई चाहते हैं, जो पैलेट गन पर रो रहे थे!

Courtesy: PTI

dharmendra singhकुछ लोग फेसबुक पर ऐसे उछल रहे हैं जैसे पाकिस्तान पर हमला होने पर ये खुद ही बंदूक लेकर मैदान में उतर जाएंगे। पिछले 2 साल से हर मुद्दे पर 56 इंच का सीना देखने को बेताब यही लोग पैलेट गन के इस्तेमाल पर भी आंसू बहा रहे थे। मैं ऐसे लोगों को याद दिला दूं कि जब 2014 में पाकिस्तान सीजफायर का उल्लंघन करके बार-बार बॉर्डर पर फायरिंग कर रहा था तब इसी सरकार ने बीएसएफ और आर्मी को करारा जवाब देने को कहा था। उसके बाद सीमा पार वाले अपनी औकात पर आ गए थे।

अब रहा सवाल उरी हमले का जवाब देने का तो मुझे इसमें कोई शक नहीं कि इसका भी माकूल जवाब दुश्मन को जरूर मिलेगा। शायद कुछ ऐसा जिसे पाकिस्तान चाहकर भी नहीं भूल पाएगा। मगर कोई भी एक्शन ऐसा होना चाहिए जिससे पाकिस्तान को ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो क्योंकि उसके पास खोने को कुछ नहीं मगर भारत के बढ़ते कदम रुकने नहीं चाहिए।

वैसे भी पूरी दुनिया में पाकिस्तान ही क्या चीन की भी साख भी लगातार घट रही है और वो भारत को बर्बाद करने की पूरी कोशिश में लगे हैं। अब या तो भारत दुश्मन के बिछाए जाल में फंस जाए या फिर कुछ ऐसा करे कि सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे। वैसे यहां लोगों को 56 इंच का सीना दिखे या ना दिखे मगर पूरी दुनिया को ये दिख रहा है।

(पत्रकार धर्मेंद्र के सिंह के फेसबुक पेज से साभार)

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