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भारत के इस राज्य में साड़ी पहनने पर पाबंदी है!

यह खबर जानकर आपको हैरत होगी कि देश में एक ऐसा राज्य भी है जहां पर महिलाओं के साड़ी पहनने पर पाबंदी है। इसकी वजह यह है कि वहां लोग साड़ी को बाहरी पहनावा मानते हैं और उन्हें डर है कि इससे उनके पहनावे और संस्कृति पर बुरा असर पड़ेगा। यह पाबंदी किसी सरकार ने नहीं बल्कि एक स्थानीय संगठन ने लगाया हुआ है। यह राज्य है मणिपुर। एक दशक से भी ज्यादा समय से यहां साड़ी पर पाबंदी है।

साड़ी पर पाबंदी की बाकी देश में खबर तक नहीं!

पिछले महीने महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली एंजेलिका एरिबम ने अपने ट्विटर एकाउंट पर यह जानकारी शेयर की थी। उन्होंने यह भी बताया कि यह बैन ‘भारतीयकरण’ के कारण लगाया गया है। 2001 में मणिपुर के एक संगठन KYKL (कंगजंबा) नाम के संगठन ने एक फरमान जारी करके कहा था कि अब से मणिपुरी लड़कियां और महिलाएं साड़ी और सलवार न पहनें। इसी फरमान के जरिए महिलाओं के पैंट या जींस पहनने पर भी रोक लगाई गई थी। इस संगठन ने यहां तक धमकी दे रखी है कि अगर किसी मणिपुरी महिला को साड़ी में देखा गया तो उसे गोली मार दी जाएगी। एंजेलिका ने साड़ी में अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी और कहा था कि पाबंदी है, इसलिए अब मैं पहले से ज्यादा साड़ी पहनूंगी। उन्होंने इस बात पर सवाल भी उठाए कि संस्कृति के नाम पर सारी रोक-टोक और पाबंदियां महिलाओं के लिए ही क्यों होती हैं।

पिछले दिनों जब नजमा हेपतुल्ला ने मणिपुर के राज्यपाल का पद संभाला था। उस वक्त भी सोशल मीडिया पर कई लोगों ने पूछा था कि क्या वो राजभवन में साड़ी के बजाय कुछ और पहनेंगी? क्योंकि नजमा हेपतुल्ला आम तौर पर साड़ियां ही पहनती हैं।

मणिपुर की हैंडलूम साड़ियां हैं मशहूर

मणिपुरी गुट भले ही साड़ी पहनने से अपनी संस्कृति को खतरा मानते हों, लेकिन खुद मणिपुर की हैंडलूम की सिल्क साड़ियां देश भर में मशहूर हैं। ये काफी प्रीमियम साड़ी मानी जाती हैं और इनमें जरी का बेहद बारीक काम भी किया जाता है। दिल्ली और दूसरे शहरों के एंपोरियम में मणिपुरी साड़ियां 2 से 5 हजार रुपये तक में बिकती हैं।

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