Loose World

हज की खबरें मीडिया आखिर क्यों नहीं दिखा रहा?

मक्का-मदीना के लिए मुसलमानों की पवित्र हज यात्रा इन दिनों चल रही है। यात्रा के इंतजाम में हर साल कुछ न कुछ ऐसी चूक होती रहती थी, जिससे आम हाजियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन इस साल ऐसे इंतजाम किए गए हैं कि हर कोई खुश होकर लौट रहा है। बीमार और बुजुर्ग हाजियों के लिए ऐसे इंतजाम किए गए हैं कि वो कम से कम परेशानी में हज यात्रा करके सलामत अपने घरों को लौट सकें। नरेंद्र मोदी सरकार के विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह खुद सारे इंतजाम पर नज़र रख रहे हैं। 9 से 14 सितंबर के बीच करीब 1 लाख 36 हजार भारतीय हज कर चुके थे।

‘मुस्लिम विरोधी सरकार’ ने किए बेहतरीन इंतजाम

मोदी सरकार को मुस्लिम विरोधी साबित करने की पूरी कोशिश की जाती है। मुसलमानों का एक बड़ा तबका उनके लिए सिर्फ बुरा ही सोचता है। इसके बावजूद मोदी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के हाजियों के लिए ऐसे इंतजाम करवाए जैसा इससे पहले कभी नहीं हुआ।

Haj Gen VK Singh

हज कर चुके कई लोग इस बात की पुष्टि कर रहे हैं। कुछ लोगों ने सऊदी अरब में हज मिशन के फेसबुक पेज पर इंतजामों के लिए अपनी खुशी जताई है। कई लोगों ने अपनी समस्याएं भी फेसबुक पेज के जरिए बताईं, जिनका फौरन समाधान किया जाता रहा। इस पेज पर बाकायदा वीडियो बुलेटिन जारी करके भारतीय हाजियों को पल-पल की जानकारी दी जा रही है। इन बुलेटिन से हज यात्रा पर गए लोगों के परिवार वालों को भी सारे अपडेट्स वक्त पर मिल रहे हैं। इस साल 2000 से ज्यादा भारतीय वॉलेंटियर्स को जेद्दा एयरपोर्ट पर तैनात किया गया है, जो हर भारतीय को मदद करने के लिए हर वक्त तैनात रहते हैं। हज के लिए आए लोगों की वापसी का सिलसिला भी अब शुरू होने वाला है। 17 सितंबर से भारतीय हज यात्रियों की वापसी शुरू हो जाएगी। मक्का मदीना में कुछ निर्माण कार्य की वजह से इस साल तमाम देशों के हज के कोटे में थोड़ी-थोड़ी कटौती कर दी गई है।

देखिए कुछ इस अंदाज में हज यात्रा की एक-एक अपडेट भारतीयों के परिवारों तक पहुंचाई जा रही है।

हिंदू तीर्थयात्राओं पर हमलों से पहुंचती है ठेस

हज यात्रा को लेकर आम मुसलमानों में खुशी है, लेकिन ऐसी दरियादिली हिंदू धर्म की तीर्थयात्राओं के लिए कम ही देखने को मिलती है। हाल ही में कश्मीर में अमरनाथ यात्रा और खीर भवानी यात्रा में हिंदू तीर्थयात्रियों पर कई जगहों पर हमलों के मामले सामने आए थे। यहां तक अलगाववादियों की धमकियों की वजह से इस साल ज्यादा तीर्थयात्री भी नहीं जा सके। इसी तरह कुछ साल पहले प्रयाग महाकुंभ के प्रभारी मंत्री का जिम्मा आजम खान को सौंपा गया था। कट्टरपंथी मुस्लिम के तौर पर बदनाम आजम खान ने कुंभ के अब तक के सबसे घटिया इंतजाम किए थे। ऐसे में देश के बहुसंख्यक हिंदुओं के मन में कुछ न कुछ कसक जरूर बाकी रह जाती है। हो सकता है इसी वजह से भारतीय मीडिया हज के अच्छे इंतजाम की खबरें न दिखा रही हो ताकि लोगों को अमरनाथ के यात्रियों पर होने वाले पथराव के दृश्य याद न आ जाएं।

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:
Donate with

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...

Popular This Week

Don`t copy text!