देखिए कैसे विदेश में ऐश कर रही है केजरीवाल कंपनी!

क्या आप इस बात की कल्पना कर सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर फब्तियां कसने वाले आम आदमी पार्टी के नेता और मंत्री जमकर विदेश यात्राएं कर रहे हैं। जिम्मेदारियों के अनुपात के आधार पर देखा जाए तो दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के मंत्रियों की विदेश यात्राओं के आगे प्रधानमंत्री मोदी कुछ भी नहीं हैं। एक आरटीआई के जवाब में दिल्ली सरकार के मंत्रियों की ‘अय्याशी’ के बारे में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। खास बात यह है कि केजरीवाल के मंत्री एक तरफ विदेशों में जनता के पैसों पर मौज करते रहे और दूसरी तरफ देश लौटकर प्रधानमंत्री की सरकारी यात्राओं पर चुटकुलेबाजी भी करते रहे। जो जानकारी सामने आई है उनमें सीएम केजरीवाल की विदेश यात्राओं की डिटेल शामिल नहीं है। केजरीवाल अभी वेटिकन यात्रा से लौटे हैं। साथ ही डिप्टी सीएम सिसोदिया की फिनलैंड यात्रा की डेटल्स भी अभी तक नहीं मिली हैं। ज्यादातर विदेश यात्राएं चोरी-छिपे की गई हैं। क्योंकि सोशल मीडिया पर इनकी एकाध तस्वीर के अलावा कोई खास चर्चा नहीं होने दी गई।

सिर्फ ऐश के लिए हो रही है विदेश यात्रा!

प्रधानमंत्री को राष्ट्राध्यक्ष होने के नाते दुनिया भर के देशों के साथ द्विपक्षीय संबंध और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में मौजूद रहना जरूरी होता है। लेकिन किसी राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के लिए ऐसे बेहद कम मौके होते हैं जब उन्हें विदेश में कोई जरूरी सरकारी काम हो। ज्यादातर सेमीनार ही होते हैं, जिनका जनता से कोई लेना-देना नहीं होता और इनमें जाना कोई मजबूरी नहीं होती। इसके बावजूद दिल्ली के 3 मंत्रियों ने अब तक 8 विदेश यात्रा कर ली है। इन सारी यात्राओं पर लाखों रुपये खर्च हुए हैं, जिसे आम जनता की जेब से लिया गया।

टूरिस्ट स्पॉट पर ही जाते हैं दिल्ली के मंत्री

2015 से 2016 के बीच सत्येंद्र जैन अब तक तीन बार फॉरेन ट्रिप मार चुके हैं। जो जगहें हैं, वो ऐसी हैं जहां से दिल्ली के लोगों की भलाई का कोई काम नहीं हो सकता। जैन ने अब तक सरकारी पैसे पर मैनचेस्टर, स्वीडेन और मलेशिया की सैर की है। सूत्रों के मुताबिक इस साल में अभी वो कम से कम 2 और विदेश यात्रा करने की तैयारी में हैं। मैनचेस्टर यात्रा में सत्येंद्र जैन के साथ दिल्ली डायलॉग कमीशन के उपाध्यक्ष आशीष खेतान भी साथ थे। तीन दिन के इस सैर-सपाटे पर 7 लाख 84 हजार रुपये खर्च हुए। भारत के प्रधानमंत्री विदेशों में भले ही सस्ते होटलों में ठहरते हों, लेकिन दिल्ली के आम आदमी मैनचेस्टर में महंगे लग्जरी होटलों में ठहरे थे।

मंत्रियों की विदेश यात्राओं का पूरा ब्योरा

फरवरी 2015 में सत्ता संभालने से अब तक कुल 8 फॉरेन ट्रिप हो चुकी हैं। दिल्ली में सिर्फ 70 विधायक होते हैं, जिनमें से सीएम को मिलाकर 7 मंत्री होते हैं। इस अनुपात में देखा जाए तो ये देश के दूसरे तमाम राज्यों से ज्यादा है।

विदेश यात्रा नंबर-1, 11 अगस्त से 15 अगस्त 2015 तक

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया अपने चार साथियों के साथ ब्राजील के साओ पाउलो गए। वहां के लिए सीधी फ्लाइट है, इसके बावजूद ये सभी लोग पहले दो दिन रियो डे जेनेरियो में रुके। इसके बाद वहां से साओ पाउलो गए। यहां से वो लोग मशहूर इग्वाजू फाल देखने गए और कुछ वक्त अर्जेंटीना में भी बिताया।

विदेश यात्रा नंबर-2, 2 सितंबर से 3 सितंबर 2015

आम आदमी पार्टी के नेता आशीष खेतान ने यूके के मैनचेस्टर की यात्रा की। उनका कहना था कि वो वहां पर एक ‘स्टडी टूर’ के लिए जा रहे हैं। यह रहस्य है कि इस दौरान उन्होंने क्या स्टडी किया। आशीष खेतान अपने साथ मंत्री सत्येंद्र जैन को भी ले गए। इन्होंने इंटरनेशनल फ्लाइट में फर्स्ट क्लास टिकट पर सफर किया। मंत्री सत्येंद्र जैन को ब्रिटेन का मौसम इतना अच्छा लगा कि वो लंदन में 2 और दिन रुक गए। और कागजात में लिखवा दिया कि वो वहां पर सरकार चलाने के ‘सही तरीके’ का अध्ययन कर रहे हैं।


विदेश यात्रा नंबर-3 17 मार्च से 20 मार्च 2016 तक

इस दौरान मनीष सिसोदिया और उनके पीए 3 दिन की लंदन सैर पर रहे। बताया गया कि वहां पर एक सेमिनार है। दरअसल लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) के भारतीय छात्रों के संघ के एक पदाधिकारी ने निजी हैसियत से उन्हें न्यौता भेजा था। यानी यह यात्रा किसी सरकारी काम के लिए नहीं थी। आम तौर पर ऐसी यात्राओं का खर्च सेमिनार के आयोजक ही उठाते हैं। लेकिन आश्चर्यजनक तरीके से इस यात्रा पर 4 लाख रुपये के खर्च का बिल भी दिल्लीवालों की जेब से भरवाया गया। पहली नज़र में यह करप्शन का मामला भी बनता है क्योंकि यह निजी यात्रा थी। यह भी हो सकता है कि सेमिनार के आयोजकों ने खर्च उठाया हो, लेकिन सिसोदिया और उनके साथी ने नकली बिल दिखाकर 4 लाख रुपये का चूना सरकारी खजाने को लगाया हो। इसकी जांच कराई जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी।

विदेश यात्रा नंबर-4, 30 मई से 3 जून 2016 तक

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया अब बर्लिन के लिए रवाना हो गए। बताया गया कि वो वहां पर जर्मन हैबिटेट फोरम 2016 में हिस्सा लेंगे। उनके साथ उनका प्रिंसिपल सेक्रेटरी भी था। बर्लिन पहुंचने के बाद सिसोदिया को और सैर-सपाटे का जी किया, तो उन्होंने अपनी यात्रा को 2 दिन बढ़ा दिया और लगे हाथ एम्सटर्डम और पेरिस भी घूम आए। इस यात्रा में 12 लाख रुपये फूंक दिए गए। आम आदमी के नाम पर आई सरकार के मंत्री ने दोनों तरफ बिजनेस क्लास में यात्रा की और खर्च उठाया दिल्ली के टैक्स पेयर्स ने। आम तौर पर ऐसी यात्राओं से लौटने के बाद एक रिपोर्ट जमा करना जरूरी होता है। लेकिन सिसोदिया और उनके सेक्रेटरी ने यह बताना जरूरी नहीं समझा कि वो क्या गुल खिलाकर लौटे हैं। यह बात शक पैदा करती है कि यह यात्रा जनता की भलाई के लिए नहीं, बल्कि मौजमस्ती और अय्याशी के लिए थी।

विदेश यात्रा नंबर-5, 25 अक्टूबर से 29 अक्टूबर 2015

मंत्री सत्येंद्र जैन और गोपाल राय समेत कुल 10 लोगों का भारी-भरकम प्रतिनिधिमंडल स्वीडेन के लिए रवाना हुआ। वहां पर कोई सरकारी कामकाज भी नहीं था। दरअसल दिल्ली में स्वीडेन के राजदूत ने किसी प्रोग्राम में इन लोगों को अपने देश आने का एक अनौपचारिक न्यौता दे दिया था। आम आदमी बनकर आए इन बहुरूपिए नेताओं ने इस सुनहरे मौके को हाथोंहाथ लपक लिया। बिना बुलाए मेहमान की तरह इन दोनों मंत्रियों समेत 10 लोग स्वीडेन पहुंच गए। आम तौर पर सरकारी यात्राओं में 4 सदस्यों से ज्यादा लोग नहीं होते। इस सैर पर कुल 22 लाख रुपये फूंक दिए गए। दोनों मंत्रियों ने एरोप्लेन में बिजनेस क्लास की टिकट कटाई। जबकि मोदी कैबिनेट के कई बड़े मंत्री आज भी इकोनॉमी क्लास पर ही विदेश आते-जाते हैं।

  • पहले नंबर पर मनीष सिसोदिया रहे, जो डेढ़ साल में 4 बार विदेश यात्रा कर चुके हैं। इनमें लंदन, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और साउथ कोरिया जैसे देश शामिल हैं। उन्होंने हर यात्रा पर औसतन 9 लाख रुपये से ज्यादा उड़ाए।
  • दूसरे नंबर पर सत्येंद्र जैन रहे, जिन्होंने इतने कम वक्त में 3 देशों की सैर कर ली। तीसरे नंबर पर गोपाल राय रहे
  • संदीप कुमार और इमरान हुसैन जैसे मंत्रियों ने भी काफी वक्त विदेशों में बिताया। दावा किया जाता है कि वो अपने निजी खर्चे पर गए, लेकिन इन दावों की सच्चाई भी जांची जानी जरूरी है। संदीप कुमार ने अपनी पत्नी की डिलिवरी भी अमेरिका में कराई।

खर्च की काफी जानकारी छिपा ली गई है

आरटीआई करने वाले विवेक गर्ग का आरोप है कि जो खर्च बताया जा रहा है वो असल खर्चे से काफी कम है। जवाब में सरकार ने साथ में गए स्टाफ और पार्टी कार्यकर्ताओं के खर्चों की जानकारियां छिपा ली हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की विदेशी यात्राओं का खर्च भी इसमें शामिल नहीं है। अभी हाल ही में केजरीवाल और सत्येंद्र जैन वेटिकन से लौटे हैं। उनके साथ सत्येंद्र जैन, कुमार विश्वास और राघव चड्ढा ने भी बिजनेस क्लास का सफर किया।

एलजी ने मंगाई विदेश यात्राओं की फाइल

उपराज्यपाल नजीब जंग ने मंत्रियों की विदेश यात्राओं की जानकारी मांगी है। उन्होंने तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई है, जो यात्राओं के मकसद और इन पर हुए सही खर्च की पड़ताल करेगी। क्योंकि यह साफ दिख रहा है कि जिस तरह मंत्रियों ने बिजनेस क्लास में सफर किया और लग्जरी होटलों में ठहरे उस अनुपात में जो खर्चे दिखाए जा रहे हैं वो कुछ कम हैं। शक है कि खर्च का बड़ा हिस्सा दूसरे मदों में किया गया होगा और उसे आरटीआई के तहत छिपा लिया गया होगा। यह जानकारी भी ली जा रही है कि विदेश जाने से पहले एलजी दफ्तर से पूरी मंजूरी ली गई थी या नहीं।

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