खाट का लालच देकर बुलाया, पकड़ा दिया एक झंडा!

Courtesy: ANI

यूपी में राहुल गांधी की खाट सभाओं की सच्चाई सामने आ रही है। ये आरोप लग रहे हैं कि भीड़ जुटाने के लिए गरीबों से कहा जा रहा है कि उन्हें खटिया मिलेगी। यही वजह है कि सभा खत्म होते ही खाटों की लूट मच जाती है। कई लोगों को खटिया तो मिल जाती है, लेकिन कई लोगों को निराश होकर लौटना भी पड़ रहा है। इससे पहले न्यूज़लूज़ ने खुलासा किया था कि कैसे खाटों की खरीद के नाम पर लोकल कांग्रेसी नेता लाखों रुपयों का घोटाला कर रहे हैं।

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गरीबों को खाट और शर्ट का लालच

राहुल गांधी अपनी सभाओं में बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि इनमें जो भीड़ बुलाई जाती है उन्हें बस यह उम्मीद होती है कि भाषणबाजी सुनने के बाद आखिर में उन्हें चारपाई और एक शर्ट मिलेगी। मिर्जापुर में हुई सभा के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांवों में जाकर लोगों को बताया था कि 10-20 ट्रक खाटें आई हैं और सभी को 1-1 जरूर मिलेगी। आप खुद ही सुनिए एक बुजुर्ग का बयान।

खाटों पर पहरा देते हैं कांग्रेस कार्यकर्ता

कई जगहों पर खटिया लुटने से हुई बदनामी की वजह से अब कांग्रेस के कार्यकर्ता सभा खत्म होते ही पहरा शुरू कर देते हैं ताकि गरीब लोग इनको लेकर न जा सकें। गाजीपुर में हुई खाट सभा में कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया था कि जब खटिया चोरी का इल्जाम लगाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट भी की। मिर्जापुर की खाट सभा में तो बाकायदा माइक से घोषणा की जाती रही कि खाट छोड़कर चले जाएं।

राहुल गांधी के इमेज मैनेजर प्रशांत किशोर के कहने पर कांग्रेस पार्टी इन खाट सभाओं का आयोजन कर रही है। उम्मीद की जा रही थी कि इससे राहुल गांधी की इमेज सुधरेगी, लेकिन जिस तरह की खबरें आ रही हैं उससे तो यही लगता है कि खाट सभाओं के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की खाट खड़ी होने की संभावना ही अधिक होगी।

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