Loose Top

एक खूंखार डाकू के पैसे नहीं लौटा रही मायावती!

यूपी से एक अजीबोगरीब खबर सामने आ रही है। झांसी की जेल में बंद डाकू सरदार सिंह गुर्जर ने कोर्ट में शिकायत की है कि मायावती उसके 43 लाख रुपये वापस नहीं कर रही हैं। सीजेएम कोर्ट में दाखिल याचिका में सरदार सिंह गुर्जर ने बताया है कि उसने गरौठा विधानसभा सीट से बीएसपी का टिकट पाने के लिए 43 लाख रुपये मायावती को दिए थे, लेकिन अब तक न तो टिकट ही मिला और न ही वो पैसे ही वापस कर रही हैं।

नेता बनने के लिए एक डाकू की फरियाद

बताया जा रहा है कि डाकू और अपराधी की जिंदगी से बोर हो चुका डाकू सरदार गुर्जर काफी वक्त से बीएसपी में एक्टिव हो गया था। 2001 में ही वो बसपा का सदस्य बन गया था। साल 2006 में मायावती झांसी के दौरे पर आई थीं। तब मायावती के साथ उसकी चुनाव लड़ने के बारे में बात हुई थी। मायावती ने इसके एवज में 50 लाख रुपये मांगे। सरदार का कहना है कि उसने अपनी मेहनत की कमाई में से 43 लाख रुपये मायावती को दे दिए। मायावती ने उसे चुनाव की तैयारी को भी बोल दिया। 2007 विधानसभा चुनाव से पहले सरदार सिंह ने प्रचार पर 8 लाख से ज्यादा खर्च भी कर दिया। लेकिन जब टिकट की लिस्ट निकली तो उसका नाम गायब था। जेल में बंद होने की वजह से सरदार अपने पैसे वापस पाने की ज्यादा कोशिश भी नहीं कर सका। कुछ लोग दावा करते हैं कि मायावती ने 50 लाख रुपये मांगे थे, जबकि सरदार ने सिर्फ 43 लाख दिए थे। बाकी पैसों के लिए वो मोलभाव कर रहा था। इसलिए उसकी बात बिगड़ गई और उस शख्स को टिकट मिल गया, जिसने पूरी रकम एक मुश्त जमा कर दी।

बीएसपी में टिकट बेचने की पुरानी परंपरा!

बीएसपी सुप्रीमो मायावती पर अक्सर आरोप लगता रहता है कि वो टिकट बेचती हैं। हाल ही में बहुजन समाज पार्टी से इस्तीफा देकर बाहर आने वाले कई नेताओं ने यह आरोप लगाया कि वो करोड़ों रुपये लेकर टिकट बेचती हैं। ऐसे में डाकू सरदार सिंह गुर्जर का आरोप और उस पर चलने वाला मुकदमा काफी अहम हो गया है।

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:
Donate with

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...

Popular This Week

Don`t copy text!