विदेश में खुद को ‘भारतीय’ क्यों बताते हैं पाकिस्तानी!

मैंने गौर किया है कि पश्चिमी देशों में रहने वाले ज्यादातर पाकिस्तानी खुद को ‘भारतीय’ या ‘साउथ एशियन’ कहलाना पसंद करते हैं। आखिर क्या बात है कि उन्हें खुद को पाकिस्तानी बताने में शर्म आती है? पिछले कुछ साल में यह प्रवृत्ति और भी बढ़ी है। खास तौर पर भारत में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दुनिया में भारतीयों की इमेज बेहतर हुई है। आज हमें इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, स्पेस साइंस, आध्यात्म और योग के देश के तौर पर देखा जाता है।

पिछले दिनों मैं जर्मनी में मैं ट्रेन से कहीं जा रहा था। मुझसे 2-3 सीट पीछे 30-35 साल का एक लड़का बैठा था। वो फोन पर पंजाबी में बात कर रहा था। लेकिन उसका लहजा आम पंजाबियों से कुछ अलग था। इसके बाद मैंने उसकी और उसके पास बैठे दूसरे यात्री की जर्मन में हो रही बातचीत सुनी। साथ के यात्री ने पूछा- आप कहां के रहने वाले हैं? उस लड़के ने जवाब दिया- इंडिया। इसके बाद मैंने उसे यह कहते सुना कि वो पंजाब का रहने वाला है। इसके बाद भी दोनों आपस में बात करते रहे। इस दौरान उस लड़के को शायद यह एहसास नहीं था कि पास में ही बैठा एक और भारतीय उसकी बातें सुन रहा है।

करीब 20 मिनट बाद वो विदेशी सहयात्री ट्रेन से उतर गया। खाली सीट देखकर मैं अपनी जगह से उठकर उस लड़के के पास बैठ गया और हिंदी में पूछा- आप कहां से हो? मैंने ऐसे दिखाया था कि मैंने उसकी इससे पहले हुई बातचीत नहीं सुनी है। उसने जवाब दिया- पंजाब। मैंने पूछा पंजाब में कहां से? मैं भी कई साल चंडीगढ़ में रहा हूं। उसने जवाब दिया- उस पारके पंजाब से हूं। (मतलब पाकिस्तान से) मैंने उससे कुछ नहीं बोला कि तुमने उस जर्मन से झूठ क्यों बोला कि तुम भारतीय हो। 5-10 मिनट बाद मेरा स्टेशन आ गया और मैं नीचे उतर गया।

मेरे दिमाग में यह सवाल रह गया कि क्या पाकिस्तान के लोग यूरोप या अमेरिका में खुद को पाकिस्तानी बताते हुए शरमाते हैं? वो खुद को इंडियन बताते हैं क्योंकि विदेशी लोग भारतीयों और पाकिस्तानियों के बीच अंतर नहीं कर पाते। इस घटना के बाद मैंने यूरोप के अलग-अलग देशों, अमेरिका और कनाडा में अपने कई दोस्तों से इस बारे में बात की। लगभग सभी ने बताया कि जब यूरोपीय लोग पूछते हैं तो पाकिस्तानी खुद को इंडियन या साउथ एशियन बताते हैं। क्या आम पाकिस्तानी नागरिकों को आत्म विश्लेषण नहीं करना चाहिए कि वो क्यों खुद को पाकिस्तानी बताने में शरमाने लगे हैं?

मैं पाकिस्तान से बेवजह प्यार और भारत से नफरत करने वाले अपने तमाम भारतीय दोस्तों से भी कहना चाहूंगा कि प्लीज अपनी आंखें खोलिए। दुनिया की नजरों में हमारे देश का ओहदा बहुत बड़ा हो चुका है। मुझे लगता है कि पाकिस्तानी लड़के-लड़की अपने देश की नाकामी से दुखी हैं और खुद को भारतीय बताकर दुनिया की नजरों में इज्जत पाना चाहते हैं। हमारे देश के कुछ लोगों को भी यह बात समझ में आनी चाहिए।

(जर्मनी में रहने वाले क्षितिज मोहन के फेसबुक पेज से साभार)

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