जब दिग्विजय ने फैलाई बेरोजगारी की ‘फर्जी’ तस्वीर!

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आज एक फोटो ट्वीट किया है, जिसमें लिखा है कि सरकार जुमलेबाजी बंद कर बेरोजगारों के लिए कुछ करे। यह तस्वीर दरअसल 2012 में जम्मू में हुई पुलिस भर्ती की है, जिसमें एप्लिकेशन जमा करने के लिए हजारों लोग कतार में खड़े थे। उस वक्त यह तस्वीर अखबारों में भी छपी थी। ये वो वक्त था जब दिल्ली में मनमोहन सिंह और जम्मू कश्मीर में उमर अब्दुल्ला की अगुवाई में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस की मिलीजुली सरकार थी। मतलब यह कि जिस तस्वीर को दिखाकर दिग्विजय सिंह देश में बेरोजगारी का दावा कर रहे हैं वो दरअसल उन्हीं की पार्टी के राज की है।

कॉपीराइट चोरी के दोषी हैं दिग्विजय!

दरअसल यह तस्वीर एक फोटो वेबसाइट पर बिकाऊ है। इसे इस्तेमाल करने के लिए पैसे चुकाने होते हैं। अगर कोई इसे पर्सनल काम के लिए खरीदना चाहे तो उसे भी 900 रुपये देने होंगे। दिग्विजय सिंह ने अपने पर्सनल ट्विटर एकाउंट से इस तस्वीर को ट्वीट किया है। मतलब यह हुआ कि उन्होंने इस तस्वीर को पोस्ट करने वाले फोटोग्राफर के कॉपीराइट का उल्लंघन किया है।

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नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आए 2 साल से ज्यादा वक्त बीतने के बावजूद अभी तक ऐसी एक भी तस्वीर सामने नहीं आई है जिसे बेरोजगारी साबित करने के लिए कांग्रेस के नेता इस्तेमाल कर सकें। ज्यादातर दफ्तरों में अब ऑनलाइन एप्लिकेशन लिए जाते हैं और भर्तियों में सोर्स-सिफारिश और भ्रष्टाचार के बजाय मेरिट पर ध्यान दिया जाता है। शायद यही कारण है कि दिग्विजय सिंह को प्रोपोगेंडा करने के लिए अपने ही राज के दौरान की तस्वीरों को इस्तेमाल करना पड़ रहा है। कांग्रेस और उसकी सोशल मीडिया टीम की ऐसी कई चूकें पहले भी कई बार पकड़ी जा चुकी हैं। अभी हाल में ही कांग्रेस के कई फर्जी ट्विटर हैंडलों से कश्मीर में भारतीय सेना के कथित अत्याचार की तस्वीरें शेयर की गई थीं। बाद में पता चला कि वो तस्वीरें फलस्तीन और सीरिया की हैं।

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