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हिंदू होने की सज़ा भुगत रहा है ये पाकिस्तानी क्रिकेटर

पाकिस्तान

पाकिस्तान के हिंदू क्रिकेटर दानिश कनेरिया इन दिनों बेहद खराब हालात में जी रहे हैं। हिंदू होने की वजह से पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड भी उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है। दानिश कनेरिया की माली हालत बेहद खराब है और हालत यह हो चुकी है कि उनके पास खुद पर लगी पाबंदी के खिलाफ आईसीसी में चल रहा केस लड़ने के पैसे भी नहीं है। पाकिस्तान की मुस्लिम लीग-नवाज़ के सांसद रमेश कुमार वंकवानी ने आरोप लगाया है कि कनेरिया को हिंदू होने की सज़ा मिल रही है। कनेरिया पर मई 2010 में इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट में स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगा था। इसके बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने जून 2012 में उन पर पाबंदी लगा दी थी।

नेशनल असेंबली के आगे उठाया मुद्दा

सांसद वंकवानी ने पाकिस्तानी संसद की एक स्टैंडिंग कमेटी की एक बैठक में भी यह मसला उठाया है। उन्होंने कहा कि पीसीबी सीधे तौर पर न सही, लेकिन फाइनेंशियल मदद तो कर ही सकता है। कमेटी के कई दूसरे सदस्यों ने भी इस बात का समर्थन किया है कि दानिश कनेरिया के साथ भेदभाव हो रहा है। कम से कम कुछ पैसे तो जरूर दिए जा सकते हैं ताकि 35 साल का ये स्टार लेग स्पिनर अपने सम्मान की लड़ाई लड़ सके। उधर पीसीबी की दलील है कि जब कोई क्रिकेट बोर्ड किसी खिलाड़ी पर बैन करता है तो बाकी क्रिकेट बोर्ड भी उसकी मदद नहीं कर सकते हैं। हालांकि इससे पहले पाबंदी के शिकार क्रिकेटरों की पीसीबी की तरफ से मदद की जाती रही है। कनेरिया ने कई बार औपचारिक तौर पर पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड से मदद की अपील की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

भारत जाकर बसने की भी थी चर्चा

कनेरिया ने पिछले साल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई से भी अपील की थी कि वो उन्हें कम से कम आईपीएल में खेलने की छूट दे दें, ताकि वो अपना खर्चा निकाल सकें। अभी आईपीएल में पाकिस्तानी क्रिकेटरों के खेलने पर रोक है। इसी वजह से कनेरिया को इसकी इजाज़त भी नहीं मिल पाई। हालांकि उस वक्त पाकिस्तानी मीडिया ने यह खबर उड़ा दी थी कि दानिश परिवार समेत भारत में बसने वाले हैं। दानिश कनेरिया इस बात का खुद कई बार खंडन कर चुके हैं कि वो भारत में रहने की सोच रहे हैं।

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