‘लव जिहाद’ के कारण निशाने पर आए तरुण सागर!

जैन मुनि तरुण सागर को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं की अपमानजनक टिप्पणियों की असली वजह सामने आने लगी है। दरअसल आचार्य तरुण सागर पिछले कुछ समय से लव जिहाद के खिलाफ खुलकर बोल रहे थे। अपने प्रवचनों में वो हिंदू और जैन समाज को इस बात के लिए आगाह किया करते थे कि उनकी बेटियों को मुसलमान बनाने की साजिश चल रही है। उन्होंने लोगों में जागरूकता लाने के लिए कहा था कि “हमारे घर-परिवारों की लड़कियां घर में चींटी मारे जाते भी नहीं देखतीं, वो विधर्मियों के घर में जाकर मांस पकते कैसे देखेंगी।” पश्चिमी यूपी, हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में अपने प्रवचनों में तरुण सागर इस बात को कहते रहे हैं। इसी वजह से कट्टरपंथियों की आंखों में वो खटक चुके थे। पंजाब में मुस्लिम वोटरों को खुश करने की नीयत से ही एक दिन के अंदर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों के ही नेताओं ने आचार्य तरुण सागर को लेकर भद्दी टिप्पणियां कीं।

दिल्ली विधानसभा में प्रवचन कराया रद्द

15 मार्च को दिल्ली विधानसभा में भी आचार्य तरुण सागर का प्रवचन होना था। लेकिन ऐन मौके पर दिल्ली सरकार ने इसे रद्द करवा दिया था। कार्यक्रम रद्द होने की कोई साफ वजह नहीं बताई गई थी। आम आदमी पार्टी के सूत्रों के मुताबिक इसकी वजह यही थी कि केजरीवाल ऐसे संत के साथ नहीं दिखना चाहते थे जिसे मुस्लिम समुदाय पसंद नहीं करता। पंजाब में करीब 3 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं। कई सीटों पर इन वोटों को पाने के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में कड़ी टक्कर है। दिखने में ये वोट बैंक बहुत छोटा लगता है, लेकिन 117 में से करीब 15 से 20 सीटों पर हार-जीत का फैसला मुस्लिम वोटर ही करते हैं। इसे देखते हुए केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में तरुण सागर का प्रवचन कैंसिल करवा दिया था।

केजरीवाल ने तब तस्वीर छिपा ली थी

विधानसभा में प्रवचन रद्द होने के बाद स्पीकर रामनिवास गोयल ने अपने घर पर कार्यक्रम करवाया था। इसके बाद वो जैन मुनि को केजरीवाल से मिलवाने उनके घर भी लेकर गए थे। दोनों ने साथ में कुछ वक्त बिताया था, लेकिन तब केजरीवाल ने अपने स्टाफ से कह दिया था कि इस मुलाकात की तस्वीरों को पब्लिक न किया जाए। आम तौर पर हर छोटी-बड़ी मुलाकात की जानकारी केजरीवाल ट्विटर पर देते हैं, लेकिन इतने बड़े जैन संत से हुई अपनी मुलाकात की उन्होंने खबर तक बाहर नहीं आने दी थी।

मुस्लिम वोटरों का हितैषी बनने की कोशिश

आम आदमी पार्टी के एक सूत्र ने हमें बताया है कि विशाल डडलानी का ट्वीट मज़ाक में नहीं था। इसके पीछे सोची-समझी तैयारी थी। पार्टी ने बाकायदा कंप्यूटर से इसके लिए फोटो तैयार करवाई थी। इस ट्वीट से पार्टी ने पंजाब के मुसलमानों को मैसेज दे दिया है कि लव जिहाद के खिलाफ बोलने वाले जैन संत को पार्टी पसंद नहीं करती। ठीक इसी रणनीति पर चलकर कांग्रेस ने अपने प्रवक्ता तहसीन पूनावाला से ऐसा ही ट्वीट करवाया। अब यह देखने वाली बात होगी कि पंजाब के मुस्लिम वोट बैंक को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में से किस पर ज्यादा भरोसा बैठता है।

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