देखिए महेश शर्मा ने क्या कहा, मीडिया ने क्या दिखाया!

नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ मीडिया के अभियान का सबसे ताजा शिकार बने हैं संस्कृति मंत्री महेश शर्मा। चैनलों और अखबारों ने बताया कि महेश शर्मा ने कहा है कि “भारत आने वाले विदेशी सैलानी मिनी स्कर्ट न पहनें।” मीडिया ने अपनी बात के समर्थन में महेश शर्मा के बयान का एक हिस्सा दिखाया जिसमें वो ऐसा कहते हुए दिखाए गए हैं। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। हम आपको आगरा में हुई उसी प्रेस कॉन्फ्रेंस का अगला हिस्सा दिखाते हैं, जिसे किसी चैनल ने नहीं दिखाया।

दरअसल महेश शर्मा विदेशी सैलानियों की सुरक्षा के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि “विदेशों से आने वालों को एयरपोर्ट पर ही एक बुकलेट दे दी जाती है, जिसमें उन्हें बताया जाता है कि भारत में आकर क्या करें और क्या न करें। बुकलेट में भारत के लोगों की संस्कृति के हिसाब से पहनावे वगैरह के बारे में बात होती है।” उन्होंने यह जिक्र भी किया कि रात के वक्त अकेले कहीं जाना भी भारत के कुछ इलाकों में सुरक्षित नहीं है। लेकिन मीडिया ने स्कर्ट शब्द के आगे अपनी मर्जी से ‘मिनी’ जोड़ दिया और पूरे बयान को देश में मॉरल पुलिसिंग का मामला बना दिया। मंत्री ने जब बयान पर सफाई दी तो चैनलों ने इसे उनका ‘यू-टर्न’ करार दिया। इनमें तथाकथित बीजेपी विरोधी चैनल ही नहीं, सरकार समर्थक माने जाने वाले ज़ी न्यूज और इंडिया टीवी जैसे चैनल सबसे आगे थे। देखिए कैसे इंडिया टीवी की एंकर ने स्कर्ट को मिनी स्कर्ट बना दिया।

महेश शर्मा ने वो बातें कहीं जो किसी विदेशी सैलानी ही नहीं, आम भारतीय महिला की सुरक्षा पर भी लागू होती हैं। सवाल यह है कि इस बात को समझाते हुए मंत्री ने अगर उदाहरण के तौर पर स्कर्ट शब्द बोल दिया तो इसमें क्या गलत है? क्या मीडिया को लगता है कि कोई विदेशी महिला मिनी स्कर्ट पहनकर दिल्ली के जामा मस्जिद में घूमने जा सकती है? तो क्या सरकार के मंत्री होने के नाते यह मंत्री की जिम्मेदारी नहीं है कि वो इस बात से लोगों को अवगत कराएं? नीचे आप एडवाइजरी का वो पन्ना देख सकते हैं जिसमें विदेशी सैलानियों को पहनावे के बारे में बताया गया है। इसमें स्कर्ट या किसी दूसरी ड्रेस का नाम नहीं लिखा गया है।

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देश की इमेज बिगाड़ने में जुटी मीडिया

टाइम्स ऑफ इंडिया ने ऐसे खबर छापी कि मानो महेश शर्मा यह कह रहे हों कि विदेशी सैलानी स्कर्ट पहनकर भारत न आएं। जबकि बयान सिर्फ कुछ जगहों के संदर्भ में था। इसके बाद भेड़चाल शुरू हो गई और अखबारों और चैनलों ने बिना मंत्री के बयान को सुने या बिना मुद्दे को समझे सोमवार दिन भर हंगामा मचाया। कुछ चैनलों ने तो इस बारे में भारत आए विदेशी पर्यटकों से राय लेनी भी शुरू कर दी। एक चैनल की रिपोर्टर ने एक विदेशी महिला सैलानी से सवाल पूछा कि “हमारे मंत्री ने कहा है कि विदेशी टूरिस्ट स्कर्ट पहनकर भारत न आएं। आपका क्या कहना है?” कोई भी समझ सकता है कि ऐसा करके ये चैनल और अखबार देश का कितना भला कर रहे हैं।

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