क्या पंजाब चुनाव से ‘केजरीवाल वंश’ का उदय होगा?

गांधी परिवार, सिंधिया परिवार, मुलायम परिवार की तर्ज पर देश की राजनीति में केजरीवाल परिवार का भी उदय होने जा रहा है। आम आदमी पार्टी के संयोजक पद से हटाए गए सुच्चा सिंह छोटेवाल ने यह खुलासा किया है। छोटेवाल ने बताया कि दरअसल केजरीवाल खुद के लिए या अपनी पत्नी सुनीता के लिए मैदान साफ कर रहे हैं। दोनों में से कोई एक फतेहगढ़ साहिब सीट से चुनाव भी लड़ सकता है। दरअसल फतेहगढ़ अरविंद केजरीवाल की ससुराल है। भ्रष्टाचार, नशाखोरी को बढ़ावे के आरोपों के बाद अब परिवारवाद का आरोप भी केजरीवाल पर लग जाएगा। हैरत की बात है कि इन्हीं मुद्दों की बात करके वो राजनीति में आए थे।

पंजाब के साथ केजरीवाल का ‘ससुराल कनेक्शन’

केजरीवाल की पत्नी सुनीता इंडियन रेवेन्यू सर्विसेज़ की ही अधिकारी थीं। पिछले दिनों उन्होंने सर्विस से वीआरएस ले लिया है। इसके बाद से ही तरह-तरह की अटकलें लगने लगी थीं। कुछ लोग मान रहे थे कि लालू-राबड़ी देवी की तर्ज पर केजरीवाल अपनी जगह सुनीता को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनवा सकते हैं। इसके बाद वो पंजाब और दूसरे राज्यों पर फोकस करेंगे। लेकिन सुच्चा सिंह छोटेपुर ने इन अटकलों पर मुहर लगा दी है। अब तक यह बात किसी को नहीं पता थी कि पंजाब के साथ केजरीवाल का ‘ससुराल कनेक्शन’ भी है।

‘जो सीएम बनने का सपना देखेगा वो निपट जाएगा’

पंजाब में आम आदमी पार्टी के एक बड़े नेता ने हमें बताया कि सुच्चा सिंह छोटेवाल को दरअसल खुद सीएम बनने का सपना देखना महंगा पड़ गया। सुच्चा सिंह अपने करीबियों से कह रहे थे कि वो सीएम पद के बड़े दावेदार हैं। इसी लिहाज से वो टिकट बंटवारे में अपना ज्यादा हिस्सा भी चाहते थे। केजरीवाल ने उनकी इस महत्वाकांक्षा को भांप लिया और एक कथित स्टिंग ऑपरेशन के नाम पर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। आने वाले दिनों में पंजाब में कई और बड़े नेताओं को भी बाहर निकाला जा सकता है। नवजोत सिद्धू को पार्टी में न लेने की भी यही बड़ी वजह थी कि वो मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर लॉन्च होना चाहते थे।

बेटी हर्षिता पहले से ही राजनीति में आ चुकी है!

दरअसल केजरीवाल की बेटी हर्षिता पहले से ही राजनीति में कदम रख चुकी है। आईआईटी दिल्ली में पढ़ने वाली हर्षिता आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन CYSS में शामिल है। उसने आईआईटी में पार्टी का विस्तार करना शुरू किया है। जब केजरीवाल से एक बार इस बारे में पूछा गया था तो उन्होंने यह कहकर सवाल खारिज कर दिया था कि मैं राजनीति में वंशवाद के खिलाफ हूं और मेरी बेटी राजनीति में नहीं आएगी। जबकि सच्चाई यह है कि वो अपने पूरे परिवार को राजनीति में उतारने में जुटे हुए हैं। ताकि पार्टी पर पूरी तरह पकड़ बनाए रख सकें। दिल्ली महिला आयोग की चेयरमैन स्वाति मालीवाल के भी केजरीवाल की रिश्तेदार होने की अटकलें लगती रहती हैं।

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