पहले पेज पर फर्जी खबर छापी, पिछले पेज पर माफी!

नरेंद्र मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए मीडिया का एक तबका किस हद तक गिरने को तैयार है, इसकी एक मिसाल इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने पेश की है। कांग्रेस के दलाल के तौर पर बदनाम होते जा रहे इस अखबार ने 22 अगस्त के अंक में अरुण जेटली का झूठा बयान छापा था। अखबार ने दावा किया कि जेटली ने कहा है कि “कश्मीर घाटी में पथराव करने वाले पाकिस्तान की कठपुतलियां हैं।” मंत्री होने के नाते जेटली के ऐसे बयान पर हंगामा मचना स्वाभाविक था। लेकिन सच्चाई यही थी कि जेटली ने ऐसी कोई बात कही ही नहीं थी। जब सोशल मीडिया पर इंडियन एक्सप्रेस की जमकर थू-थू हुई तो इस अखबार ने बेहद बेशर्मी के साथ अगले दिन पिछले पेज पर एक छोटी सी माफीनुमा सफाई छाप दी।

नीचे लिंक पर क्लिक करके आप अरुण जेटली का पूरा भाषण सुन सकते हैं। आप खुद फैसला कीजिए कि क्या जेटली ने वही बात कही है जो अखबार बता रहा है। यह भी सवाल उठता है कि ऐसी झूठी खबरें छापकर आखिर इंडियन एक्सप्रेस किसको फायदा पहुंचाना चाहता है।

कांग्रेस और AAP की मदद से ट्रेंड करवाया

शाम होते-होते खीझ निकालने के लिए इंडियन एक्सप्रेस ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की मदद से #BJPTerrorizingMedia और #राष्ट्रवादीतानाशाह जैसे टैग्स ट्रेंड कराने शुरू कर दिए। यह पहली बार नहीं है जब इंडियन एक्सप्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ इस तरह से खबरों के साथ खिलवाड़ किया है। इसके बावजूद अखबार के संपादक और मालिक अपनी गलतियों के लिए शर्मिंदा होने के बजाय मीडिया की आजादी का रोना शुरू कर देते हैं। इंडियन एक्सप्रेस के संपादक राजकमल झा कांग्रेस के प्रवक्ता संजय झा के भाई हैं। ऐसा कहा जाता है कि कांग्रेस को फायदा पहुंचाने लिए राजकमल झा खुलकर इंडियन एक्सप्रेस का इस्तेमाल कर रहे हैं। जेटली को लेकर छापी गई फर्जी खबर भी इसी सिलसिले की एक कड़ी भर है। यह अखबार पिछले कुछ वक्त से खुलकर पाकिस्तान और कश्मीरी आतंकवादियों के पक्ष में अभियान चला रहा है।

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